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शामली: बिना स्वीकृति और एस्टीमेट कर दी लाइन शिफ्ट, ऊर्जा निगम के दो लाइनमैन समेत तीन निलंबित किए
Tue, 15 Sep 2026 12:17 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:17 AM IST
सार
कांधला के डुढार बिजलीघर से जुड़े लाइनमैनों ने खेल कर दिया। करीब 200 मीटर की लाइन नियमों को ताक पर रखकर खींच दी गई। आउटसोर्स लाइनमैन सतीश, नीरज और कुली विक्रम के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद
विस्तार
कांधला क्षेत्र के डुढार 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत अवैध तरीके से विद्युत लाइन शिफ्टिंग करने के मामले में विद्युत विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राथमिक जांच में दोषी पाए गए तीन आउटसोर्स कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार ने कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। वहीं, संबंधित आउटसोर्स कंपनी की ओर से तीनों कर्मचारियों को सेवा से हटाने का पत्र भी जारी किया गया है।
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जानकारी के अनुसार डुढार बिजलीघर से जुड़ी विद्युत लाइन को बिना निर्धारित विभागीय स्वीकृति, स्वीकृत एस्टीमेट और शुल्क जमा कराए शिफ्ट किए जाने की शिकायत मिली थी। यह लाइन करीब 200 मीटर की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने प्राथमिक जांच कराई। जांच में आउटसोर्स लाइनमैन सतीश, नीरज और कुली विक्रम की भूमिका सामने आई। इसके बाद तीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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निजी लाभ के लिए नियमों की अनदेखी का आरोप
आरोप है कि लाइन शिफ्टिंग का काम विभागीय प्रक्रिया पूरी किए बिना कराया गया। इससे विभागीय राजस्व को नुकसान होने के साथ ही विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला भी सामने आया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लाइन शिफ्टिंग जैसे संवेदनशील कार्य में नियमों का पालन नहीं होने से हादसे का खतरा भी बना रहता है।
अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार ने कहा कि विभागीय नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध लाइन शिफ्टिंग, बिजली चोरी में संलिप्तता या किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरोप है कि लाइन शिफ्टिंग का काम विभागीय प्रक्रिया पूरी किए बिना कराया गया। इससे विभागीय राजस्व को नुकसान होने के साथ ही विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला भी सामने आया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लाइन शिफ्टिंग जैसे संवेदनशील कार्य में नियमों का पालन नहीं होने से हादसे का खतरा भी बना रहता है।
अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार ने कहा कि विभागीय नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध लाइन शिफ्टिंग, बिजली चोरी में संलिप्तता या किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में
विभागीय स्तर पर मामले की जांच आगे भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार जांच में यदि किसी अन्य कर्मचारी, अधिकारी या बाहरी ठेकेदार की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है। कार्रवाई के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों और संविदा कर्मियों में खलबली मची है।
विभागीय स्तर पर मामले की जांच आगे भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार जांच में यदि किसी अन्य कर्मचारी, अधिकारी या बाहरी ठेकेदार की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जा सकती है। कार्रवाई के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों और संविदा कर्मियों में खलबली मची है।
आउटसोर्स कंपनी ने सेवा समाप्त करने का पत्र दिया
मेहर एंटरप्राइज कंपनी के जनरल मैनेजर (जीएम) हिमांशु रोहिला ने बताया कि लाइन शिफ्टिंग में हुई गड़बड़ी और लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। विभाग की ओर से तीनों लाइनमैन और कुली को तत्काल प्रभाव से हटाने का आधिकारिक पत्र कंपनी को प्राप्त हुआ है। इसके आधार पर तीनों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
मेहर एंटरप्राइज कंपनी के जनरल मैनेजर (जीएम) हिमांशु रोहिला ने बताया कि लाइन शिफ्टिंग में हुई गड़बड़ी और लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है। विभाग की ओर से तीनों लाइनमैन और कुली को तत्काल प्रभाव से हटाने का आधिकारिक पत्र कंपनी को प्राप्त हुआ है। इसके आधार पर तीनों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
2024 में भी अवैध लाइन के मामले में हुई थी कार्रवाई
जिले में अवैध तरीके से बिजली लाइन खींचने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में कैराना और कांधला क्षेत्र में बिना स्वीकृत एस्टीमेट के लाइन खींचने की शिकायत हुई थी। जांच में लापरवाही सामने आने पर ऊर्जा निगम के एमडी के स्तर से शामली के अधिशासी अभियंता समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। वहीं, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राजकुमार का तबादला मुजफ्फरनगर कर दिया गया था। उस समय भी अधिकारियों से बिना एस्टीमेट लाइन खींचे जाने की शिकायत की गई थी और जांच के बाद कार्रवाई हुई थी।
जिले में अवैध तरीके से बिजली लाइन खींचने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2024 में कैराना और कांधला क्षेत्र में बिना स्वीकृत एस्टीमेट के लाइन खींचने की शिकायत हुई थी। जांच में लापरवाही सामने आने पर ऊर्जा निगम के एमडी के स्तर से शामली के अधिशासी अभियंता समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। वहीं, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता राजकुमार का तबादला मुजफ्फरनगर कर दिया गया था। उस समय भी अधिकारियों से बिना एस्टीमेट लाइन खींचे जाने की शिकायत की गई थी और जांच के बाद कार्रवाई हुई थी।