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दिल्ली हाईकोर्ट में शामली पुलिस ने कार्रवाई रिपोर्ट की दाखिल
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शामली। 21 वर्षीय युवती के साथ रजामंदी से शादी करने वाले युवक के पिता व भाई को जेल भेजने के मामले में शामली पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हाईकोर्ट में अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा दाखिल करते हुए अपना पक्ष रखा है। हाईकोर्ट ने अब शामली पुलिस को 11 जनवरी को जांच कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया है।
एक जुलाई को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 21 वर्षीय युवती लापता हो गई थी। युवती की मां ने दिल्ली निवासी युवक समेत तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण मेें कोतवाली पुलिस ने युवती को छिपाने के आरोप में युवक के पिता व भाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया था। पिछले महीने युवती ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी मर्जी से युवक के साथ शादी करना बताते हुए किसी का दोष न होना बताया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 28 अक्तूबर को शामली पुलिस को तलब किया था। कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी व विवेचक नरेंद्र वर्मा ने हाईकोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखा था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कड़ी फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने 18 नवंबर को इस प्रकरण में की गई कार्रवाई पेश करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुलिस ने कैराना कोर्ट में युवक के पिता व भाई की रिहाई के लिए रिपोर्ट दाखिल की थी। एक सप्ताह पहले एसपी सुकीर्ति माधव ने इस प्रकरण में लापरवाही बरते जाने पर कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी व विवेचक नरेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया था।
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एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि बृहस्पतिवार को सीओ कैराना जितेंद्र कुमार और कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में अब तक की गई पुलिस कार्रवाई का ब्योरा दाखिल करते हुए अपना पक्ष रखा है। युवक के पिता व भाई के जेल से रिहा कराने, कोतवाल व विवेचक को निलंबित करने और एएसपी ओपी सिंह द्वारा प्रकरण की जांच किए जाने आदि कार्रवाई की जानकारी कोर्ट में दाखिल की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अब 11 जनवरी तक जांच कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।
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एक जुलाई को शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 21 वर्षीय युवती लापता हो गई थी। युवती की मां ने दिल्ली निवासी युवक समेत तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण मेें कोतवाली पुलिस ने युवती को छिपाने के आरोप में युवक के पिता व भाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया था। पिछले महीने युवती ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी मर्जी से युवक के साथ शादी करना बताते हुए किसी का दोष न होना बताया था।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने 28 अक्तूबर को शामली पुलिस को तलब किया था। कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी व विवेचक नरेंद्र वर्मा ने हाईकोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखा था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कड़ी फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने 18 नवंबर को इस प्रकरण में की गई कार्रवाई पेश करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुलिस ने कैराना कोर्ट में युवक के पिता व भाई की रिहाई के लिए रिपोर्ट दाखिल की थी। एक सप्ताह पहले एसपी सुकीर्ति माधव ने इस प्रकरण में लापरवाही बरते जाने पर कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी व विवेचक नरेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया था।
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एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि बृहस्पतिवार को सीओ कैराना जितेंद्र कुमार और कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में अब तक की गई पुलिस कार्रवाई का ब्योरा दाखिल करते हुए अपना पक्ष रखा है। युवक के पिता व भाई के जेल से रिहा कराने, कोतवाल व विवेचक को निलंबित करने और एएसपी ओपी सिंह द्वारा प्रकरण की जांच किए जाने आदि कार्रवाई की जानकारी कोर्ट में दाखिल की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अब 11 जनवरी तक जांच कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।