एसपी की बड़ी कार्रवाई: कोतवाली प्रभारी और विवेचक सस्पेंड, युवती को ले जाने के मामले में हाईकोर्ट ने लगाई थी पुलिस को फटकार
युवती को ले जाने के मामले में पुलिस ने युवक के पिता व भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब एसपी ने इस मामले में कोतवाली प्रभारी और विवेचक को निलंबित कर दिया है।
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शामली में 21 साल की युवती से रजामंदी से शादी करने वाले युवक के पिता व भाई को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के मामले में विधिक प्रक्रिया के अनुरूप कार्य न करने के आरोप में एसपी सुकीर्ति माधव ने शहर कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी और विवेचक उप निरीक्षक नरेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया है। इस प्रकरण की जांच एएसपी ओपी सिंह को सौंपी है। इस प्रकरण में दिल्ली हाईकोर्ट ने शामली पुलिस को फटकार लगाई थी। एसपी ने क्राइम ब्रांच में तैनात निरीक्षक यशपाल सिंह को शहर कोतवाली का नया प्रभारी बनाया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती एक जुलाई को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। युवती की मां ने दिल्ली निवासी युवक व दो अज्ञात के विरुद्ध युवती को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के पिता व भाई को युवती व आरोपी को अपने घर में छिपाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
उधर, इस मामले में युवती ने दिल्ली हाईकोर्ट में शहर कोतवाली पुलिस के खिलाफ याचिका दायर की थी। युवती ने बयान दर्ज कराया था कि उसने रजामंदी से युवक के साथ शादी की है। युवक के पिता व भाई को निर्दोष होते हुए पुलिस ने बिना जांच किए जेल भेजा गया। हाईकोर्ट ने कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी व विवेचक नरेंद्र वर्मा को शपथ पत्र में बयान दाखिल करने के लिए तलब किया था। 28 अक्तूबर को दाखिल बयान व कार्रवाई से संतुष्ट न होकर हाईकोर्ट ने शामली पुलिस को फटकार लगाई थी।
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इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने युवक के पिता व भाई की रिहाई के लिए कोर्ट में रिपोर्ट पेश की थी जिस पर दोनों जेल से रिहा हुए थे। इस प्रकरण में गुरुवार को एसपी सुकीर्ति माधव ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी और विवेचक नरेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि इस मामले में प्रथम दृष्टया विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई न करने और लापरवाही पाए जाने पर कोतवाली प्रभारी व विवेचक को निलंबित किया गया है। इस प्रकरण की जांच एएसपी ओपी सिंह को सौंपी गई है।
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लड़की की उम्र व गिरफ्तारी को लेकर मिली थी फटकार
शहर कोतवाली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल बयान में बताया था कि लड़की की मां ने बेटी के अपहरण की रिपोर्ट में उम्र नहीं बताई और गिरफ्तारी शामली बस स्टैंड से होना बताया था। जबकि लड़की ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में युवक के पिता व भाई को दिल्ली से गिरफ्तार करना बताया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि एफआईआर में साफ लिखा है कि युवती 21 साल की है, फिर भी उससे बात किए बिना युवक के पिता व भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि जब कोतवाल व विवेचक पढ़ नहीं सकते तो फिर समाधान क्या निकालेंगे।