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85 गर्भवती महिलाओं को हुआ टीकाकरण
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कांधला क्षेत्र के गांव गंगेरू में मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम का शुभारंभ करतीं जिला पंचायत अध्य?
- फोटो : SHAMLI
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85 गर्भवती महिलाओं को हुआ टीकाकरण
शामली। जनपद में मिशन इंद्रधनुष योजना के तहत छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है।
कांधला ब्लाक के गांव गंगेरू में इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष देवी ने किया। इस दौरान स्वास्थ्य टीम ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण की शुरूआत की गई। यह अभियान शामली ब्लाक को छोड़कर बाकी चार ब्लाक कांधला, कैराना, ऊन और थानाभवन में चलेगा। सीएमओ डा. संजय भटनागर ने लोगों से टीकाकरण अभियान में सहयोग करने का अनुरोध किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डा. आरके सागर ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष के तहत कराए गए सर्वे में जनपद के चार ब्लाकों में कुल 7548 बच्चे और 1768 गर्भवती महिलाएं मिली है, जिन्हें टीकाकरण नहीं होना पाया गया। अभियान के पहले दिन जनपद में 1524 बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 205 बच्चों को टीकाकरण हो सका। इसी तरह 659 गर्भवती महिलाओं के सापेक्ष मात्र 85 को टीकाकरण हो सका। सोमवार को कांधला और थानाभवन ब्लाक में 25-25 स्थानों पर, कैराना में 19 और ऊन ब्लाक में 23 स्थानों पर कैंप लगाकर टीकाकरण किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण का लक्ष्य पूरा न होने के कारण उन्होंने कुछ परिवारों के बच्चे भट्ठे पर या शादी विवाह में आदि में जाना बताया गया है। यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। इस अवसर पर एसीएमओ डा. सफल कुमार, डीआईओ सुधीर तेवतिया, प्रवेश तालिब, डा. रमेश चंद्रा, तौहीद आदि रहे।
नदी किनारे गांव में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए
शामली। स्वास्थ्य विभाग ने एनजीटी के आदेश पर नदी किनारे गांवों में सोमवार से स्वास्थ्य कैंप लगाने का माइक्रोप्लान तैयार किया था। पहले दिन इस कार्यक्रम की शुरूआत नहीं हो सकी। जनपद में थानाभवन, कुड़ाना, कांधला और शामली अरबन में नदी किनारे के 29 गांवों में यह कैंप लगाए जाने हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य कैंप में आरबीएसके टीमें विभिन्न बीमारी से पीड़ित ग्रामीणों की जांच करेंगी। इसके लिए हर ब्लाक में दो-दो टीमें लगाई गई है। यह कार्यक्रम नौ दिसंबर तक चलाया जाना है। सोमवार को कलक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित बैठक आरबीएसके टीमों के शामिल होने के कारण गांवों में कैंप नहीं लगाया जा सका। मंगलवार से कैंप लगाने की शुरूआत की जाएगी।
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शामली। जनपद में मिशन इंद्रधनुष योजना के तहत छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है।
कांधला ब्लाक के गांव गंगेरू में इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष देवी ने किया। इस दौरान स्वास्थ्य टीम ने बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण की शुरूआत की गई। यह अभियान शामली ब्लाक को छोड़कर बाकी चार ब्लाक कांधला, कैराना, ऊन और थानाभवन में चलेगा। सीएमओ डा. संजय भटनागर ने लोगों से टीकाकरण अभियान में सहयोग करने का अनुरोध किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डा. आरके सागर ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष के तहत कराए गए सर्वे में जनपद के चार ब्लाकों में कुल 7548 बच्चे और 1768 गर्भवती महिलाएं मिली है, जिन्हें टीकाकरण नहीं होना पाया गया। अभियान के पहले दिन जनपद में 1524 बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 205 बच्चों को टीकाकरण हो सका। इसी तरह 659 गर्भवती महिलाओं के सापेक्ष मात्र 85 को टीकाकरण हो सका। सोमवार को कांधला और थानाभवन ब्लाक में 25-25 स्थानों पर, कैराना में 19 और ऊन ब्लाक में 23 स्थानों पर कैंप लगाकर टीकाकरण किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण का लक्ष्य पूरा न होने के कारण उन्होंने कुछ परिवारों के बच्चे भट्ठे पर या शादी विवाह में आदि में जाना बताया गया है। यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। इस अवसर पर एसीएमओ डा. सफल कुमार, डीआईओ सुधीर तेवतिया, प्रवेश तालिब, डा. रमेश चंद्रा, तौहीद आदि रहे।
नदी किनारे गांव में स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाए गए
शामली। स्वास्थ्य विभाग ने एनजीटी के आदेश पर नदी किनारे गांवों में सोमवार से स्वास्थ्य कैंप लगाने का माइक्रोप्लान तैयार किया था। पहले दिन इस कार्यक्रम की शुरूआत नहीं हो सकी। जनपद में थानाभवन, कुड़ाना, कांधला और शामली अरबन में नदी किनारे के 29 गांवों में यह कैंप लगाए जाने हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य कैंप में आरबीएसके टीमें विभिन्न बीमारी से पीड़ित ग्रामीणों की जांच करेंगी। इसके लिए हर ब्लाक में दो-दो टीमें लगाई गई है। यह कार्यक्रम नौ दिसंबर तक चलाया जाना है। सोमवार को कलक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित बैठक आरबीएसके टीमों के शामिल होने के कारण गांवों में कैंप नहीं लगाया जा सका। मंगलवार से कैंप लगाने की शुरूआत की जाएगी।
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