ये कैसी मदद: दिव्यांग को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल देकर फोटो खिंचवाया, मंत्री और डीएम के जाते ही ली वापस
शामली जनपद में विकास भवन परिसर जलालाबाद में चार अगस्त को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण किया गया। इस दौरान दिव्यांग को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल देकर फोटो खिंचवाई गईं लेकिन मंत्री और डीएम के जाते ही उससे वापस भी ले ली गई।
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उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां विकास भवन परिसर जलालाबाद में चार अगस्त को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण कार्यक्रम हुआ था। वहां जलालाबाद के एक दिव्यांग को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी गई, लेकिन पूर्व मंत्री, डीएम के जाने के बाद उससे ट्राई साइकिल यह कहकर वापस ले ली उसका आवेदन राज्य सरकार में है। इसलिए केंद्र सरकार की माेटराइज्ड ट्राईसाइकिल नहीं दी जा सकती। जिसके बाद दिव्यांग रोता हुआ अपने घर पहुंचा था अब पीड़ित ने पूर्व मंत्री से न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
जिला दिव्यांग विभाग द्वारा विकास भवन में चार अगस्त को माेटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया था। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा व जिलाधिकारी रविंद्र सिंह द्वारा जनपद भर के कई दिव्यांगों को माेटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया था।
इसमें जलालाबाद देहात के दिव्यांग मलखान सिंह कश्यप द्वारा आनलाइन आवेदन किया था, जिसके बाद चयन कर उन्हें माेटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी गई थी और उसका समाचार पत्रों में फोटो भी प्रकाशित हुआ है।
दिव्यांग मलखान सिंह ने बताया कि विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उसे दी गई माेटराइज्ड ट्राईसाइकिल वापस ले ली और दिए गए कागजात भी ले लिए, जब उसने कारण पूछा तो उसे वहां से भाग जाने के लिए कहा। मलखान सिंह ने बताया कि उसने वहां कई अधिकारियों से अपनी शिकायत कहने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी और वह वापस जलालाबाद आ गया।
दिव्यांग ने पूर्व मंत्री को शिकायत भेजकर उसको न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि दिव्यांग मलखान सिंह माेटराईज्ड ट्राई साइकिल पर आकर बैठ गया था।
जब उसके कागजातों की जांच की गई तो उसमें पता चला कि उसका आवेदन राज्य सरकार की योजना में है। यह माेटराइज्ड ट्राई साइकिल का वितरण केंद्र सरकार की योजना में किया गया है। उसको राज्य सरकार का बजट आने के बाद योजना का लाभ देने का आश्वासन देकर घर भेज दिया था।