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अवैध हथियारों का हब बन रहा शामली
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अवैध हथियारों का गढ़ बन रहा शामली
शामली। अवैध हथियार बनाने और सप्लाई का गढ़ बनता जा रहा है शामली जनपद। खासतौर से कैराना क्षेत्र के गांवों में अवैध हथियार बनाने का नेटवर्क चल रहा है। पुलिस ने कई बार अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी है लेकिन इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है।
कस्बा कैराना पहले से ही अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में चर्चित रहा है। पाकिस्तान से भी अवैध हथियारों की तस्करी में कैराना के कनेक्शन का कई बार खुलासा हो चुका है। साथ ही कैराना के देहात में भी अवैैध हथियार बनाने की फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी है। पिछले साल गांव तितरवाड़ा निवासी युवक फरीदाबाद में अवैध पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था। इसके दो दिन बाद उसका चाचा दिल्ली में अवैैध पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था। कैराना और कांधला क्षेत्र के कई लोग अटारी बॉर्डर पर भी अवैध हथियारों की तस्करी के आरोप में पकड़े जा चुके है। दूसरे राज्यों की पुलिस भी यहां आकर अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ चुकी है।
शनिवार रात पुलिस ने गांव नंगलाराई में एक मकान में चल रही अवैैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ी है। इससे पहले भी कई बार अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी हैं। पुलिस बड़ी संख्या में तमंचे व अन्य हथियार बरामद करती है, लेकिन इस धंधे से जुड़े बड़े सौदागरों तक नहीं पहुंच पाती। अवैध हथियार कहां खपाए जाते है और इन्हें खरीदने वाला कौन है, इसका खुलासा नहीं कर पाती।
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-- इन गांवों में पकड़ी जा चुकी अवैध शस्त्र फैक्टरी
दो दिन पूर्व गांव नंगलाराई में मकान में अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ी। दिसंबर 2019 को गांव दभेड़ीखुर्द में, नवंबर 2017 में दभेड़ीखुर्द और खुरगान में, दो माह पूर्व दिल्ली पुलिस ने रामड़ा में और पांच साल पूर्व कांधला के हुरमजपुर में अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ी थी।
कोट
जनपद में अवैध धंधे में लिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अवैध शस्त्र बनाने का मामला हो या अन्य कोई भी अवैध कार्य, उनमें संलिप्त दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। - विनीत जायसवाल, एसपी
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शामली। अवैध हथियार बनाने और सप्लाई का गढ़ बनता जा रहा है शामली जनपद। खासतौर से कैराना क्षेत्र के गांवों में अवैध हथियार बनाने का नेटवर्क चल रहा है। पुलिस ने कई बार अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी है लेकिन इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है।
कस्बा कैराना पहले से ही अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में चर्चित रहा है। पाकिस्तान से भी अवैध हथियारों की तस्करी में कैराना के कनेक्शन का कई बार खुलासा हो चुका है। साथ ही कैराना के देहात में भी अवैैध हथियार बनाने की फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी है। पिछले साल गांव तितरवाड़ा निवासी युवक फरीदाबाद में अवैध पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था। इसके दो दिन बाद उसका चाचा दिल्ली में अवैैध पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था। कैराना और कांधला क्षेत्र के कई लोग अटारी बॉर्डर पर भी अवैध हथियारों की तस्करी के आरोप में पकड़े जा चुके है। दूसरे राज्यों की पुलिस भी यहां आकर अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ चुकी है।
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शनिवार रात पुलिस ने गांव नंगलाराई में एक मकान में चल रही अवैैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ी है। इससे पहले भी कई बार अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरियां पकड़ी जा चुकी हैं। पुलिस बड़ी संख्या में तमंचे व अन्य हथियार बरामद करती है, लेकिन इस धंधे से जुड़े बड़े सौदागरों तक नहीं पहुंच पाती। अवैध हथियार कहां खपाए जाते है और इन्हें खरीदने वाला कौन है, इसका खुलासा नहीं कर पाती।
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-- इन गांवों में पकड़ी जा चुकी अवैध शस्त्र फैक्टरी
दो दिन पूर्व गांव नंगलाराई में मकान में अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ी। दिसंबर 2019 को गांव दभेड़ीखुर्द में, नवंबर 2017 में दभेड़ीखुर्द और खुरगान में, दो माह पूर्व दिल्ली पुलिस ने रामड़ा में और पांच साल पूर्व कांधला के हुरमजपुर में अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ी थी।
कोट
जनपद में अवैध धंधे में लिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अवैध शस्त्र बनाने का मामला हो या अन्य कोई भी अवैध कार्य, उनमें संलिप्त दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। - विनीत जायसवाल, एसपी