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Shamli Encounter: एक गोली ने ली दो बदमाशों की जान... अरशद के सिर की हड्डी तोड़ते ही मनवीर के गले में धंसी
Thu, 23 Jan 2025 12:15 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:15 AM IST
सार
पोस्टमार्टम में पता चला है कि अरशद के सिर के चीथड़े उड़ाते हुए गोली ने मनवीर के गले की हड्डी को भी तोड़ दिया। हालांकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर ही कुछ कहने की बात कह रही है।
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अरशद की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए इनामी अरशद और मनवीर के शवों का दो बार जिला अस्पताल में एक्सरे कराया गया, जिसमें गोली का पता लगाया गया। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अरशद के सिर में गोली लगने से खोपड़ी की हड्डी टूटी हुई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
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मनवीर की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं उसकी खोपड़ी से होते हुए गोली बाहर निकल गई थी, जो मनवीर की गर्दन में जाकर फंसी थी। मनवीर की मौत गर्दन की हड्डी टूटने से हुई। हालांकि पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं दे रही है। एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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इंस्पेक्टर सुनील कुमार की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
सीने पर गोली लगने पर भी इंस्पेक्टर ने बदमाशों से किया मुकाबला
अरशद समेत चारों बदमाश एक ही कार में सवार थे। बदमाशों ने कारबाइन, पिस्टल व तमंचे से गोलियां बरसा दीं। एक गोली इंस्पेक्टर सुनील कुमार के सीने में जा लगी। गोली लगने के बाद भी इंस्पेक्टर सुनील ने एके-47 से बदमाशों पर गोलियां चलाईं। दोनों ओर से करीब दो-तीन मिनट गोलियां चलती रहीं। इसमें इंस्पेक्टर को तीन गोली लगीं और वह जमीन पर गिर पड़े। तभी एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई में चार बदमाशों को ढेर कर दिया।
एसटीएफ के सदस्यों ने बताया कि चारों बदमाश कारबाइन, 32 बोर की पिस्टल, तमंचा और पौना बंदूक से गोलियां चला रहे थे। सबसे पहले एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बदमाशों को ललकारा और आत्मसमर्पण के लिए कहा। बदमाशों ने गोलियां चलाना बंद नहीं किया और सीधा इंस्पेक्टर को निशाना बना लिया। एक गोली इंस्पेक्टर सुनील के सीने में लगी। सुनील कुमार ने बायां हाथ अपने सीने पर रखा और दाएं हाथ से एके-47 से बदमाशों पर गोलियां चलाईं।
बदमाश नहीं रुके और दो गोलियां फिर से जांबाज इंस्पेक्टर को लगीं। दोनों गोलियां इंस्पेक्टर के हाथ में लगीं। तीसरी गोली सुनील के लीवर में घुस गई थी। एसटीएफ एसपी बृजेश सिंह का कहना है कि सुनील बहुत बहादुर थे। गोली लगने के बाद भी बदमाशों को ललकारा और गोलियां चलाते रहे।
बदमाश नहीं रुके और दो गोलियां फिर से जांबाज इंस्पेक्टर को लगीं। दोनों गोलियां इंस्पेक्टर के हाथ में लगीं। तीसरी गोली सुनील के लीवर में घुस गई थी। एसटीएफ एसपी बृजेश सिंह का कहना है कि सुनील बहुत बहादुर थे। गोली लगने के बाद भी बदमाशों को ललकारा और गोलियां चलाते रहे।