लाइनमैन हादसे पर कार्रवाई: थैंक्स पावर पर 1.02 लाख रुपये का जुर्माना, इलाज खर्च और ब्याज देने का आदेश
शामली जिला उपभोक्ता आयोग ने बिजली पोल पर हादसे में घायल लाइनमैन रवि कुमार को इलाज खर्च और अन्य देय राशि देने का आदेश दिया। कंपनी पर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विस्तार
शामली में बिजली के पोल पर काम करते समय घायल हुए लाइनमैन को राहत देते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने थैंक्स पावर प्राइवेट लिमिटेड, आगरा को इलाज खर्च और अन्य देय राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी पर सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला 31 अगस्त 2021 को बिजली के पोल पर काम करने के दौरान हुए हादसे से जुड़ा है, जिसमें लाइनमैन रवि कुमार घायल हो गए थे।
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शहर के मोहल्ला रेलपार स्थित शिव विहार निवासी रवि कुमार ने कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ पांच जून 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर किया था। परिवादी के अनुसार, थैंक्स पावर प्राइवेट लिमिटेड ने उन्हें शामली जिले में विद्युत विभाग के लिए लाइनमैन के कार्य पर नियुक्त किया था। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि दुर्घटना होने की स्थिति में कंपनी की ओर से इलाज और बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
परिवाद में बताया गया कि 31 अगस्त 2021 को शामली के बड़ा बाजार में बिजली के पोल पर लाइन जोड़ते समय हादसा हो गया। इस दौरान सीढ़ी गिरने और पोल से संबंधित दुर्घटना में रवि कुमार के पैर और छाती में गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उन्हें इलाज कराना पड़ा और दवाओं पर खर्च करना पड़ा।
रवि कुमार ने परिवाद में आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद इलाज और दवाओं पर होने वाला खर्च उन्हें स्वयं वहन करना पड़ा। उन्होंने कंपनी से कई बार बीमा कवर, अनुबंध की प्रति और आर्थिक सहायता की मांग की, लेकिन उनके अनुसार उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का रुख किया।
मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने परिवाद स्वीकार कर लिया। आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने कंपनी को इलाज खर्च के रूप में 82,407 रुपये अदा करने का आदेश दिया।
छह प्रतिशत ब्याज और क्षतिपूर्ति देने का निर्देश
आयोग ने दुर्घटना में हुई शारीरिक क्षति के लिए संबंधित बीमा पॉलिसी के तहत देय राशि पर दुर्घटना की तारीख से अंतिम भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त सेवा में कमी और लापरवाही से हुई आर्थिक, मानसिक तथा शारीरिक क्षति के लिए 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया गया।
आयोग ने अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए कंपनी पर अलग से 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह राशि नियमानुसार राजकोष में जमा कराई जाएगी।
इस फैसले के तहत कंपनी को इलाज खर्च, ब्याज और क्षतिपूर्ति से संबंधित देय राशि का भुगतान करना होगा। हालांकि, उपलब्ध विवरण में ब्याज और क्षतिपूर्ति सहित कुल भुगतान की अंतिम गणना स्पष्ट नहीं है।