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Shamli: कमांडेंट के बेटे विवेक और दरोगा की बेटी गरिमा बनीं पीसीएस अधिकारी, बताया कैसे मिली सफलता
Wed, 01 Apr 2026 12:13 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:13 PM IST
सार
यूपीपीएससी परीक्षा के परिणाम में गरिमा को 145वीं और विवेक खैवाल को 154वीं रैंक मिली। विवेक कई साल से तैयारी कर रहे थे। वहीं गरिमा ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। दोनों के परिवारों में हर्ष का माहौल है।
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विवेक और अपने पिता के साथ गरिमा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) परीक्षा-2024 का परिणाम घोषित होने पर शामली के दो होनहारों ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। कमांडेंट के बेटे विवेक खैवाल और दरोगा की बेटी गरिमा ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर उत्कृष्ट रैंक प्राप्त की हैं।
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गांव लपराना निवासी विनोद खैवाल के बेटे विवेक खैवाल ने 154वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद के लिए चयनित हुए है। विवेक कई वर्षों से दिल्ली में तैयारी कर रहे थे और यह उनका चौथा प्रयास था। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से करीब आठ घंटे पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। विवेक के पिता विनोद खैवाल बीएसएफ में कमांडेंट के पद पर तैनात हैं और गाजियाबाद में रहते हैं। विवेक की 2021 में शादी हुई थी और उनकी पत्नी डॉ. गायत्री गणित विषय की प्रोफेसर हैं जिन्होंने तैयारी में उनका सहयोग किया।
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वहीं, आदर्श मंडी थाने में तैनात बुलंदशहर निवासी दरोगा नेमपाल सिंह की बेटी गरिमा ने 145वीं रैंक प्राप्त कर वाणिज्य विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद हासिल किया। गरिमा ने दिल्ली में साल 2023 से तैयारी शुरू की थी और पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की। गरिमा ने 12वीं के बाद मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी की पढ़ाई की जिसमें वह विश्वविद्यालय टॉपर भी रहीं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।