भाजपा को बड़ा झटका: 30 साल बाद हरबीर मलिक ने पार्टी से तोड़ा नाता, अखिलेश यादव से मिलकर सपा में हुए शामिल
शामली में भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरबीर मलिक ने करीब 30 साल बाद पार्टी छोड़कर सपा का दामन थाम लिया। अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने सदस्यता ली। भाजपा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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भाजपा में करीब तीन दशक तक सक्रिय रहे प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरबीर मलिक ने शुक्रवार को पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद हरबीर मलिक समेत कई कार्यकर्ताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की।
हरबीर मलिक ने भाजपा में अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा की ओर से उनके खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके सपा में शामिल होने के बाद शामली की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
करौदा हाथी गांव निवासी हरबीर मलिक करीब 30 साल से भाजपा में सक्रिय थे। इस दौरान वह युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वह शामली और थानाभवन विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट की दावेदारी भी कर चुके हैं।
हाल ही में भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए भी उनका नाम चर्चा में था। हालांकि, पार्टी ने रामजी लाल कश्यप को जिलाध्यक्ष बनाया। इसके बाद से हरबीर मलिक की नाराजगी की चर्चाएं थीं। अब उनके सपा में शामिल होने के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।
हरबीर मलिक ने कहा कि भाजपा में उनकी अनदेखी की जा रही थी। इसी बीच उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की और पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
हरबीर मलिक के सपा में शामिल होने के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रामजी लाल कश्यप की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि पिछले चार-पांच महीनों से उनकी रीति-नीति और गतिविधियां पार्टी के सिद्धांतों, नीतियों और अनुशासन के विपरीत पाई जा रही थीं।
नोटिस के माध्यम से हरबीर मलिक से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें निष्कासित क्यों न किया जाए। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और सपा, दोनों खेमों में शामली की राजनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शामली विधानसभा सीट पर टिकट की दावेदारी की चर्चा
हरबीर मलिक के सपा में शामिल होने के बाद शामली विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक गलियारों में उनके सपा से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर बात हो रही है, हालांकि उन्होंने अभी तक शामली सीट से प्रत्याशी बनने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
सपा में पहले से पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के पुत्र अखिल बंसल और दीपा पंवार भी टिकट की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में शामली विधानसभा सीट पर पार्टी के प्रत्याशी को लेकर आगे की राजनीतिक गतिविधियां अहम रहेंगी।