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अलग-अलग मामलों में तीन दोषियों को सुनाई सजा
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शामली, कैराना। सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने अलग-अलग मामलों में तीन दोषियों को सजा सुनाई।
23 जनवरी 1992 को थाना गढ़ी पुख्ता पुलिस ने ईश्वर चंद निवासी गांव दुल्लाखेड़ी को चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। अभियोजन पक्ष की और से मुकदमों की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अनु तोमर व तबस्सुम ने की। इस मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम ईश्वर निवासी दुल्लाखेड़ी को पूर्व में जेल में बिताई अवधि के अलावा 19 दिन के कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दूसरे मामले में 14 दिसंबर 1997 को बाबरी पुलिस ने पप्पन उर्फ ध्यान सिंह को 315 बोर के तमंचे के साथ गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था।
इस मामले में न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा ने मुजरिम पप्पन उर्फ ध्यान सिंह को पूर्व में जेल में बिताई अवधि के अलावा 29 दिन के कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीसरे मामले में 11 मई 2020 को गढ़ीपुख्ता के गांव ताना स्थित मंदिर के पुजारी अमन गिरी ने गांव के ही अरुण के विरुद्ध मंदिर में तोड़फोड़ करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इस मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा ने मुजरिम अरुण को 6 माह के कारावास व 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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23 जनवरी 1992 को थाना गढ़ी पुख्ता पुलिस ने ईश्वर चंद निवासी गांव दुल्लाखेड़ी को चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। अभियोजन पक्ष की और से मुकदमों की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अनु तोमर व तबस्सुम ने की। इस मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम ईश्वर निवासी दुल्लाखेड़ी को पूर्व में जेल में बिताई अवधि के अलावा 19 दिन के कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दूसरे मामले में 14 दिसंबर 1997 को बाबरी पुलिस ने पप्पन उर्फ ध्यान सिंह को 315 बोर के तमंचे के साथ गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था।
इस मामले में न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा ने मुजरिम पप्पन उर्फ ध्यान सिंह को पूर्व में जेल में बिताई अवधि के अलावा 29 दिन के कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीसरे मामले में 11 मई 2020 को गढ़ीपुख्ता के गांव ताना स्थित मंदिर के पुजारी अमन गिरी ने गांव के ही अरुण के विरुद्ध मंदिर में तोड़फोड़ करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इस मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा ने मुजरिम अरुण को 6 माह के कारावास व 2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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