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24 साल पुराने अवैध हथियार रखने के मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा
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कैराना। दो अलग अलग मामलों में दो दोषियों को सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने दो साल कारावास की सजा सुनाई।
24 साल पहले एक अक्तूबर 1998 को थाना गढ़ीपुख्ता पुलिस ने जंगल गढ़ी भट्ठा भैंसवाल रोड से लोकेश निवासी कैल शिकारपुर को तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ गया था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश कर दिए थे।
दूसरे मामले में पांच जून 2020 को थाना गढ़ीपुख्ता पुलिस ने क्षेत्र के गांव ताना के पास से अरुण निवासी गांव ताना थाना गढ़ीपुख्ता को चोरी के बाइक के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपी के पास से तमंचा व कारतूस भी बरामद किए थे। पुलिस ने आरोपी का चालान करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
दोनों ही मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अभियोजन अधिकारी अनु तोमर व तब्बसुम ने की। शनिवार को सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने चोरी की बाइक व तमंचा बरामद होने के मामले में अरुण निवासी ताना थाना गढ़ीपुख्ता को दो साल कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तमंचा बरामद होने के मामले में लोकेश निवासी गांव कैल शिकारपुर को भी दो साल के कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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चोरी करने के तीन दोषियों को पांच साल की सजा
कैराना। घर में घुसकर चोरी करने के तीन मुजरिमों को दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने पांच साल के कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
छह मार्च 2017 की रात थाना आदर्श मंडी में चोरों ने कृष्णपाल के मकान में घुसकर सोने-चांदी के जेवर व अन्य सामान चुरा लिया था। मामले में आदर्श मंडी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तीन दोषियों को चोरी के माल के साथ गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर मामले में चार गवाह पेश किए गए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे में पैरवी अभियोजन अधिकारी अनु तोमर व तब्बसुम ने की।
शनिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों को अवलोकन करने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम कन्हैया निवासी राजस्थान, संदीप निवासी गाजियाबाद व नीरज निवासी जिला मेरठ को पांच साल के कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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24 साल पहले एक अक्तूबर 1998 को थाना गढ़ीपुख्ता पुलिस ने जंगल गढ़ी भट्ठा भैंसवाल रोड से लोकेश निवासी कैल शिकारपुर को तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ गया था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश कर दिए थे।
दूसरे मामले में पांच जून 2020 को थाना गढ़ीपुख्ता पुलिस ने क्षेत्र के गांव ताना के पास से अरुण निवासी गांव ताना थाना गढ़ीपुख्ता को चोरी के बाइक के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपी के पास से तमंचा व कारतूस भी बरामद किए थे। पुलिस ने आरोपी का चालान करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
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दोनों ही मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अभियोजन अधिकारी अनु तोमर व तब्बसुम ने की। शनिवार को सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने चोरी की बाइक व तमंचा बरामद होने के मामले में अरुण निवासी ताना थाना गढ़ीपुख्ता को दो साल कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तमंचा बरामद होने के मामले में लोकेश निवासी गांव कैल शिकारपुर को भी दो साल के कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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चोरी करने के तीन दोषियों को पांच साल की सजा
कैराना। घर में घुसकर चोरी करने के तीन मुजरिमों को दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने पांच साल के कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
छह मार्च 2017 की रात थाना आदर्श मंडी में चोरों ने कृष्णपाल के मकान में घुसकर सोने-चांदी के जेवर व अन्य सामान चुरा लिया था। मामले में आदर्श मंडी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तीन दोषियों को चोरी के माल के साथ गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर मामले में चार गवाह पेश किए गए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे में पैरवी अभियोजन अधिकारी अनु तोमर व तब्बसुम ने की।
शनिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों को अवलोकन करने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम कन्हैया निवासी राजस्थान, संदीप निवासी गाजियाबाद व नीरज निवासी जिला मेरठ को पांच साल के कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।