{"_id":"6a188b5ab5ce6d678b034eca","slug":"senhta-villagers-grapple-with-drinking-water-shortage-shamli-news-c-26-1-smrt1048-166428-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: पेयजल की किल्लत से जूझ रहे सेंहटा के ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: पेयजल की किल्लत से जूझ रहे सेंहटा के ग्रामीण
विज्ञापन
गांव सेंहटा में नलकूप से पानी लेकर जाते हुए। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बनत। गांव सेंहटा में पेयजल की किल्लत से ग्रामीण जूझ रहे हैं। हालात ये है कि गांव में 12 हैंडपंपों में 10 हैंडपंप करीब तीन साल से खराब है और दो हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। ग्रामीणों और महिलाओं को 200 मीटर दूर नलकूप से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। पशुओं को पिलाने के लिए भी पानी की किल्लत बनी है।
गांव सेंहटा में दस हैंडपंप बंद पड़े हैं। गांव में बनी टंकी भी दस दिन चलने के बाद 15 दिन से बंद पड़ी है। गांव में 100 से ज्यादा परिवार रहते हैं। गांव में दो हैंडपंप चालू हालत में हैं, लेकिन उनका पानी पीने योग्य नहीं है। उनका पानी कुछ देर रखने के बाद पीला हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक, तहसील में अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। भीषण गर्मी में पानी की ज्यादा जरूरत होती है। गांव की बुजुर्ग महिलाएं, बच्चे और ग्रामीणों को पेयजल व अन्य घरेलू कार्यों के लिए गांव से 200 मीटर दूर खेत के नलकूप से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
ग्रामीण पशुओं को भी नलकूप पर ले जाकर पानी पिलाने व नहलाने को मजबूर है। दूषित पानी पीने से ग्रामीण बीमार हे रहे हैं।
ग्रामीण सोनू कुमार ने बताया कि गांव में 12 हैंडपंप लगाए गए थे, जिनमें 10 हैंडपंप तीन साल से खराब हैं। उनकी कोई मरम्मत नहीं की गई। दो हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं, जिनका पानी पीने से बीमार हो रहे हैं। सूरज कुमार ने बताया कि महिलाओं को गांव के आसपास लगे नलकूपों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। पशुओं को नलकूप पर ले जाना पड़ता है। पानी की टंकी भी 10 दिन चलने के बाद बंद पड़ी है। तिलको देवी का कहना है कि पानी के लिए कोई साधन नहीं है। गांव की महिला व बच्चे 200 मीटर की दूरी पर लगी खेतों के नलकूप से पानी ढोना पड़ रहा है। नलकूपों से पानी लाकर अपने परिवार व पशुओं को पानी पिलाते है। अगर गांव में बिजली ना आए तो नलकूप न चलने से पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बबीता देवी ने कहा कि खेत में लगे नलकूपों से पानी भरना पड़ रहा है। घर के नजदीक हैंडपंप लगा है, वह तीन साल से खराब है। घर में लाकर रखा गया बासी पानी पीना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बनत। गांव सेंहटा में पेयजल की किल्लत से ग्रामीण जूझ रहे हैं। हालात ये है कि गांव में 12 हैंडपंपों में 10 हैंडपंप करीब तीन साल से खराब है और दो हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। ग्रामीणों और महिलाओं को 200 मीटर दूर नलकूप से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। पशुओं को पिलाने के लिए भी पानी की किल्लत बनी है।
गांव सेंहटा में दस हैंडपंप बंद पड़े हैं। गांव में बनी टंकी भी दस दिन चलने के बाद 15 दिन से बंद पड़ी है। गांव में 100 से ज्यादा परिवार रहते हैं। गांव में दो हैंडपंप चालू हालत में हैं, लेकिन उनका पानी पीने योग्य नहीं है। उनका पानी कुछ देर रखने के बाद पीला हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक, तहसील में अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। भीषण गर्मी में पानी की ज्यादा जरूरत होती है। गांव की बुजुर्ग महिलाएं, बच्चे और ग्रामीणों को पेयजल व अन्य घरेलू कार्यों के लिए गांव से 200 मीटर दूर खेत के नलकूप से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण पशुओं को भी नलकूप पर ले जाकर पानी पिलाने व नहलाने को मजबूर है। दूषित पानी पीने से ग्रामीण बीमार हे रहे हैं।
ग्रामीण सोनू कुमार ने बताया कि गांव में 12 हैंडपंप लगाए गए थे, जिनमें 10 हैंडपंप तीन साल से खराब हैं। उनकी कोई मरम्मत नहीं की गई। दो हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं, जिनका पानी पीने से बीमार हो रहे हैं। सूरज कुमार ने बताया कि महिलाओं को गांव के आसपास लगे नलकूपों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। पशुओं को नलकूप पर ले जाना पड़ता है। पानी की टंकी भी 10 दिन चलने के बाद बंद पड़ी है। तिलको देवी का कहना है कि पानी के लिए कोई साधन नहीं है। गांव की महिला व बच्चे 200 मीटर की दूरी पर लगी खेतों के नलकूप से पानी ढोना पड़ रहा है। नलकूपों से पानी लाकर अपने परिवार व पशुओं को पानी पिलाते है। अगर गांव में बिजली ना आए तो नलकूप न चलने से पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बबीता देवी ने कहा कि खेत में लगे नलकूपों से पानी भरना पड़ रहा है। घर के नजदीक हैंडपंप लगा है, वह तीन साल से खराब है। घर में लाकर रखा गया बासी पानी पीना पड़ रहा है।

गांव सेंहटा में नलकूप से पानी लेकर जाते हुए। संवाद

गांव सेंहटा में नलकूप से पानी लेकर जाते हुए। संवाद