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चार दिन बाद खुले स्कूल, बाजार भी गुलजार
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शामली में कबाड़ी बाजार में चहल पहल।
- फोटो : SHAMLI
शामली। अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर चार दिन से बंद चल रहे स्कूल-कालेज बुधवार को खुले। अधिकतर स्कूलों में बच्चों की 90 प्रतिशत तक उपस्थिति रही। इसके अलावा बाजारों में भी खूब चहल पहल रही।
प्रशासन ने स्कूलों को नौ से 11 नवंबर तक बंद कर दिया था। गुरुनानक जयंती पर मंगलवार को अवकाश था। बुधवार को चार दिन बाद स्कूल खुले तो छात्रों में भी स्कूल जाने का उत्साह नजर आया। सुबह से ही बच्चे सड़कों पर खड़े होकर अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। सुबह के वक्त हालांकि धुंध थी लेकिन हिंदू कन्या इंटर कालेेज की छात्राएं एकत्रित होकर स्कूल जा रही थीं। जैन कन्या इंटर कालेज में भी छात्राएं ग्रुप में स्कूल पहुंचीं। सीबीएसई के स्कूलों में बच्चों की काफी अच्छी उपस्थिति रही। हालांकि कालेजों में छात्र-छात्राएं भी अयोध्या प्रकरण पर बातचीत कर रहे थे। उधर, थानाभवन में अपर्ण पब्लिक स्कूल पर बच्चे उत्साह के साथ पहुंचे। बाजारों में भी खरीदारों की सामान्य भीड़भाड़ देखने को मिली। प्रत्येक चौकी पुलिस भी अपने-अपने क्षेत्र के साथ संवेदनशील गांवों में गश्त करने के साथ लोगों से सद्भावना रखने की अपील करती नजर आई।
अधिकारियों की ड्यूटी अभी रहेगी जारी
शामली। हालांकि स्थिति सामान्य हो चुुकी है लेकिन एहतियात के तौर पर अभी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की ड्यूटी चलती रहेगी। एसपी अजय कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर ही एहतियातन जोनल सेक्टर और पुलिस बल की तैनाती व्यवस्था लागूू की गई थी। शासन से निर्देश के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल से व्यवस्था लागू रहेगी।
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इन दिनों शादी विवाह भी चल रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी बुधवार स्कूल में छात्रों की अच्छी उपस्थिति रही। हालांकि अधिक छुट्टियों से बच्चों को कोर्स जरूर पिछड़ता है। - एके गोयल, सिल्वर बेल्स स्कूल
कई दिन बाद स्कूल खुले तो बच्चों में काफी उत्साह नजर आया। हालांकि बच्चों और शिक्षकों को भी कोर्स पूरा करने की चिंता भी रहती है। बुधवार को स्कूल में 90 प्रतिशत से अधिक छात्र आए हैं। - मीनू संगल प्रबंधक, सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल
कोट
नौ नवंबर से शादी के साए थे, अयोध्या पर फैसला आने से पहले थोड़ी चिंता थी कि माहौल की वजह से कहीं व्यापारियों का शादी का सीजन हल्का ना रह जाए, लेकिन लोगों ने समझदारी का परिचय दिया और जिले में सब कुछ शांति से निबट गया। इन दिनों शादी के सीजन में अच्छा काम निकला है। - घनश्याम दास गर्ग, व्यापारी नेता
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प्रशासन ने स्कूलों को नौ से 11 नवंबर तक बंद कर दिया था। गुरुनानक जयंती पर मंगलवार को अवकाश था। बुधवार को चार दिन बाद स्कूल खुले तो छात्रों में भी स्कूल जाने का उत्साह नजर आया। सुबह से ही बच्चे सड़कों पर खड़े होकर अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे। सुबह के वक्त हालांकि धुंध थी लेकिन हिंदू कन्या इंटर कालेेज की छात्राएं एकत्रित होकर स्कूल जा रही थीं। जैन कन्या इंटर कालेज में भी छात्राएं ग्रुप में स्कूल पहुंचीं। सीबीएसई के स्कूलों में बच्चों की काफी अच्छी उपस्थिति रही। हालांकि कालेजों में छात्र-छात्राएं भी अयोध्या प्रकरण पर बातचीत कर रहे थे। उधर, थानाभवन में अपर्ण पब्लिक स्कूल पर बच्चे उत्साह के साथ पहुंचे। बाजारों में भी खरीदारों की सामान्य भीड़भाड़ देखने को मिली। प्रत्येक चौकी पुलिस भी अपने-अपने क्षेत्र के साथ संवेदनशील गांवों में गश्त करने के साथ लोगों से सद्भावना रखने की अपील करती नजर आई।
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अधिकारियों की ड्यूटी अभी रहेगी जारी
शामली। हालांकि स्थिति सामान्य हो चुुकी है लेकिन एहतियात के तौर पर अभी पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की ड्यूटी चलती रहेगी। एसपी अजय कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर ही एहतियातन जोनल सेक्टर और पुलिस बल की तैनाती व्यवस्था लागूू की गई थी। शासन से निर्देश के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल से व्यवस्था लागू रहेगी।
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इन दिनों शादी विवाह भी चल रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी बुधवार स्कूल में छात्रों की अच्छी उपस्थिति रही। हालांकि अधिक छुट्टियों से बच्चों को कोर्स जरूर पिछड़ता है। - एके गोयल, सिल्वर बेल्स स्कूल
कई दिन बाद स्कूल खुले तो बच्चों में काफी उत्साह नजर आया। हालांकि बच्चों और शिक्षकों को भी कोर्स पूरा करने की चिंता भी रहती है। बुधवार को स्कूल में 90 प्रतिशत से अधिक छात्र आए हैं। - मीनू संगल प्रबंधक, सेंट आरसी कान्वेंट स्कूल
कोट
नौ नवंबर से शादी के साए थे, अयोध्या पर फैसला आने से पहले थोड़ी चिंता थी कि माहौल की वजह से कहीं व्यापारियों का शादी का सीजन हल्का ना रह जाए, लेकिन लोगों ने समझदारी का परिचय दिया और जिले में सब कुछ शांति से निबट गया। इन दिनों शादी के सीजन में अच्छा काम निकला है। - घनश्याम दास गर्ग, व्यापारी नेता