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स्कूल में सजी शराब की महफिल, नेता बने मेहमान
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 26 Sep 2016 12:33 AM IST
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झिंझाना में प्राइमरी स्कूल में शराब और सिगरेट (लाल घेरे में) पीते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के झिंझाना क्षेत्र के गांव बिरालियान में चार दिन पूर्व सरकारी स्कूल को अध्यापकों ने मयखाना बना दिया। शराब परोसी गई और मांस का सेवन भी किया। एक ग्रामीण ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाई और फोटो भी खींच लिए। रविवार को उक्त वीडियो और फोटो वायरल होने पर मामले का खुलासा हुआ।
मामला 21 सितंबर का है। गांव बिरालियान स्थित सरकारी स्कूल में फर्नीचर मंगाने के लिए एक नेताजी को आमंत्रण दिया गया। उनकी खातिरदारी के लिए पूरा इंतजाम किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणवश नेताजी कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। इसके बाद स्कूल के अध्यापक, सहायक अध्यापक और शिक्षा मित्र ने दावत के इंतजाम का आनंद उठाने की ठानी और विद्यालय के कमरे में ही टेबल पर मयखाना सजा दिया। शराब मंगाई गई और मांस भी बनवाया गया। इसके बाद जमकर दावत उड़ी।
एक ग्रामीण भी वहां पहुंचा, तो उसने मोबाइल फोन से मौके की वीडियो बनाई और फोटो भी खींच लिए। इसकी जानकारी होने पर तीनों आरोपी अध्यापकों ने मामले पर पर्दा डलवाने की कोशिश की। वीडियो और फोटो खींचने वाले ग्रामीण से फैसले का प्रयास किया। तीन दिन तक मामला दबा रहा, लेकिन रविवार को ग्रामीण ने उक्त वीडियो और फोटो व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल कर दिए।
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साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायत पत्र भेजकर आरोपी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। उधर, मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर से कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेनी चाही, मगर रविवार का अवकाश होने के कारण कॉल रिसीव नहीं की गई।
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मामला 21 सितंबर का है। गांव बिरालियान स्थित सरकारी स्कूल में फर्नीचर मंगाने के लिए एक नेताजी को आमंत्रण दिया गया। उनकी खातिरदारी के लिए पूरा इंतजाम किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणवश नेताजी कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। इसके बाद स्कूल के अध्यापक, सहायक अध्यापक और शिक्षा मित्र ने दावत के इंतजाम का आनंद उठाने की ठानी और विद्यालय के कमरे में ही टेबल पर मयखाना सजा दिया। शराब मंगाई गई और मांस भी बनवाया गया। इसके बाद जमकर दावत उड़ी।
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एक ग्रामीण भी वहां पहुंचा, तो उसने मोबाइल फोन से मौके की वीडियो बनाई और फोटो भी खींच लिए। इसकी जानकारी होने पर तीनों आरोपी अध्यापकों ने मामले पर पर्दा डलवाने की कोशिश की। वीडियो और फोटो खींचने वाले ग्रामीण से फैसले का प्रयास किया। तीन दिन तक मामला दबा रहा, लेकिन रविवार को ग्रामीण ने उक्त वीडियो और फोटो व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल कर दिए।
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साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायत पत्र भेजकर आरोपी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। उधर, मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर से कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेनी चाही, मगर रविवार का अवकाश होने के कारण कॉल रिसीव नहीं की गई।