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Shamli News: पांच मामलों में एसबीआई के शाखा प्रबंधकों पर लगा एक-एक लाख रुपये जुर्माना
Thu, 23 May 2024 05:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 23 May 2024 05:05 AM IST
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शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने पांच अलग-अलग मामलों में भारतीय स्टेट बैंक शामली एडीबी शाखा के प्रबंधक व प्रधान कार्यालय नई दिल्ली के महाप्रबंधक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
नासिर खान निवासी गांव टपराना ने 12 अक्तूबर 2020 को आयोग में परिवाद दायर कराया था कि भारतीय स्टेट बैंक शामली एडीबी करनाल रोड शामली के शाखा प्रबंधक और बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय नई दिल्ली के महाप्रबंधक ने गांव में अजमल खां के मकान में बैंक की शाखा खोली थी। उसने 2013 में अपना खाता खुलवाया था। उसके खाते में 59500 रुपये जमा थे। इसके बाद शाखा को बंद कर दिया गया।
इसके बाद उन्होंने खाते में जमा रकम देने को कहा तो शाखा प्रबंधक ने खाते में धनराशि न होना बताकर देने से मना कर दिया। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अमरजीत कौर व अभिनव अग्रवाल ने मामले की सुनवाई करते हुए शाखा प्रबंधकों को खाते में जमा राशि नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के 50 हजार रुपये और परिवाद व्यय दस हजार रुपये देने के लिए आयोग में जमा करने का आदेश सुनाया। साथ ही शाखा प्रबंधकों द्वारा किए गए अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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इसी तरह दूसरे मामले में आजम निवासी टपराना के खाते में जमा 23 हजार रुपये, तीसरे मामले में फरहाना निवासी टपराना के खाते में जमा 18 हजार रुपये, चौथे मामले में महमूना निवासी टपराना के खाते में जमा 94215 रुपये और पांचवे मामले में हमीदा निवासी गांव टपराना के खाते में जमा 47129 रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज, शारीरिक मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के 50 हजार रुपये और परिवाद व्यय के 10 हजार रुपये परिवादियों को देने के लिए आयोग में अलग-अलग जमा कराने और सभी मामलों में बैंक प्रबंधकों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश आयोग ने दिया है। अर्थदंड की राशि परिवादियों को देय न होकर नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी।
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नासिर खान निवासी गांव टपराना ने 12 अक्तूबर 2020 को आयोग में परिवाद दायर कराया था कि भारतीय स्टेट बैंक शामली एडीबी करनाल रोड शामली के शाखा प्रबंधक और बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय नई दिल्ली के महाप्रबंधक ने गांव में अजमल खां के मकान में बैंक की शाखा खोली थी। उसने 2013 में अपना खाता खुलवाया था। उसके खाते में 59500 रुपये जमा थे। इसके बाद शाखा को बंद कर दिया गया।
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इसके बाद उन्होंने खाते में जमा रकम देने को कहा तो शाखा प्रबंधक ने खाते में धनराशि न होना बताकर देने से मना कर दिया। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अमरजीत कौर व अभिनव अग्रवाल ने मामले की सुनवाई करते हुए शाखा प्रबंधकों को खाते में जमा राशि नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के 50 हजार रुपये और परिवाद व्यय दस हजार रुपये देने के लिए आयोग में जमा करने का आदेश सुनाया। साथ ही शाखा प्रबंधकों द्वारा किए गए अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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इसी तरह दूसरे मामले में आजम निवासी टपराना के खाते में जमा 23 हजार रुपये, तीसरे मामले में फरहाना निवासी टपराना के खाते में जमा 18 हजार रुपये, चौथे मामले में महमूना निवासी टपराना के खाते में जमा 94215 रुपये और पांचवे मामले में हमीदा निवासी गांव टपराना के खाते में जमा 47129 रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज, शारीरिक मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के 50 हजार रुपये और परिवाद व्यय के 10 हजार रुपये परिवादियों को देने के लिए आयोग में अलग-अलग जमा कराने और सभी मामलों में बैंक प्रबंधकों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश आयोग ने दिया है। अर्थदंड की राशि परिवादियों को देय न होकर नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी।