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Shamli News: भाई को बचा लो... लहूलुहान अमन की पुलिसकर्मी से आखिरी पुकार
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शामली। दिल्ली में हुए बम धमाके ने शामली जिले के कैराना और झिंझाना कस्बे के दो घरों में दर्द से भर दिया। धमाके में झिंझाना निवासी नौमान की मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई कैराना का अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में भर्ती अमन ने जब अपने चाचा महबूब को देखा तो थकी, टूटी हुई आवाज में बस इतना कहा, चाचा मैं ठीक हूं, कोई दिक्कत नहीं। यह सुनकर परिवार की आंखें भर आईं, जबकि डॉक्टरों ने उसकी हालत को नाजुक बताया है।
चाचा महबूब ने बताया कि सोमवार रात करीब 12 बजे डॉक्टरों की अनुमति से उन्हें अमन के पास जाने दिया गया। उस समय अमन वेंटिलेटर पर था। उन्होंने बताया कि अमन कुछ बोल नहीं पा रहा था, लेकिन आंखों से इशारा और हल्की आवाज में बस इतना कहा कि वह ठीक हो जाएगा, कोई दिक्कत नहीं है।
-भाई को बचाने की पुकार
अमन के चाचा महबूब के मुताबिक अस्पताल में मौजूद एक पुलिसकर्मी ने बताया कि जब धमाके के बाद वह लहूलुहान अमन को उठाकर अस्पताल ला रहा था, तब अमन बार-बार कह रहा था, नोमान कहां है? भाई को बचा लो, प्लीज उसे बचा लो…। इसके बाद वह दर्द से तड़प उठा और बेहोश हो गया। पुलिसकर्मी ने बताया कि तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर लगातार उसकी देखरेख में जुटे हैं।
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-रातभर चली तलाश, सुबह मिला भाई का शव
महबूब ने बताया कि सोमवार रात पूरा परिवार दोनों भाइयों की तलाश में जुटा रहा। टीवी पर जब धमाके की खबर देखी तो एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया गया। पुलिस ने अस्पतालों में जांच कराई, लेकिन नोमान का नाम लिस्ट में नहीं था। सुबह करीब पांच बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर नोमान का शव पहचान में आया। फोटो से ही उसकी पहचान हुई। चेहरे और शरीर पर जलने के गहरे निशान थे।
-दरिंदों को फांसी मिलनी चाहिए
महबूब ने कहा कि ऐसे दरिंदों को कम से कम फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कितने घरों के चिराग बुझा दिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने अमन की स्थिति को अभी भी गंभीर बताया है और इलाज लगातार चल रहा है।
-अस्पताल में माहौल भावुक, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
अस्पताल में मौजूद रिश्तेदारों ने बताया कि जब अमन ने चाचा को देखा तो उसकी आंखों में आंसू छलक आए। डॉक्टरों के अनुसार, अमन के सिर में गहरी चोट है। फिलहाल उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
उधर, कैराना स्थित अमन के घर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और मोहल्ले के लोगों की भीड़ लगी रही। मां मुनाजरा की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें पड़ोसियों ने संभाला। हर कोई यही दुआ कर रहा है, अल्लाह अमन को जल्दी ठीक करे।
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चाचा महबूब ने बताया कि सोमवार रात करीब 12 बजे डॉक्टरों की अनुमति से उन्हें अमन के पास जाने दिया गया। उस समय अमन वेंटिलेटर पर था। उन्होंने बताया कि अमन कुछ बोल नहीं पा रहा था, लेकिन आंखों से इशारा और हल्की आवाज में बस इतना कहा कि वह ठीक हो जाएगा, कोई दिक्कत नहीं है।
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-भाई को बचाने की पुकार
अमन के चाचा महबूब के मुताबिक अस्पताल में मौजूद एक पुलिसकर्मी ने बताया कि जब धमाके के बाद वह लहूलुहान अमन को उठाकर अस्पताल ला रहा था, तब अमन बार-बार कह रहा था, नोमान कहां है? भाई को बचा लो, प्लीज उसे बचा लो…। इसके बाद वह दर्द से तड़प उठा और बेहोश हो गया। पुलिसकर्मी ने बताया कि तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर लगातार उसकी देखरेख में जुटे हैं।
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-रातभर चली तलाश, सुबह मिला भाई का शव
महबूब ने बताया कि सोमवार रात पूरा परिवार दोनों भाइयों की तलाश में जुटा रहा। टीवी पर जब धमाके की खबर देखी तो एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया गया। पुलिस ने अस्पतालों में जांच कराई, लेकिन नोमान का नाम लिस्ट में नहीं था। सुबह करीब पांच बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर नोमान का शव पहचान में आया। फोटो से ही उसकी पहचान हुई। चेहरे और शरीर पर जलने के गहरे निशान थे।
-दरिंदों को फांसी मिलनी चाहिए
महबूब ने कहा कि ऐसे दरिंदों को कम से कम फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कितने घरों के चिराग बुझा दिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने अमन की स्थिति को अभी भी गंभीर बताया है और इलाज लगातार चल रहा है।
-अस्पताल में माहौल भावुक, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
अस्पताल में मौजूद रिश्तेदारों ने बताया कि जब अमन ने चाचा को देखा तो उसकी आंखों में आंसू छलक आए। डॉक्टरों के अनुसार, अमन के सिर में गहरी चोट है। फिलहाल उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
उधर, कैराना स्थित अमन के घर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और मोहल्ले के लोगों की भीड़ लगी रही। मां मुनाजरा की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें पड़ोसियों ने संभाला। हर कोई यही दुआ कर रहा है, अल्लाह अमन को जल्दी ठीक करे।