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Shamli News: गन्ने की खोई से कमाई, विदेशों तक शामली ने धाक जमाई

Fri, 16 Oct 2026 01:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 16 Oct 2026 01:27 AM IST
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Earnings from sugarcane bagasse: Shamli makes its mark abroad
उद्योग...उधमी द्वारा गन्ने की खोई से तैयार प्लेट। उधमी
शामली। गन्ने की खोई से क्रॉकरी तैयार कर शामली के उद्यमी अर्चित ने कारोबार को नई पहचान दी है। औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उनके प्लांट में गन्ने की खोई से खाने में प्रयोग होने वाली प्लेट, दोने और खाना परोसने की ट्रे तैयार की जा रही हैं। यहां बनने वाले उत्पादों की आपूर्ति देश के विभिन्न राज्यों के साथ जर्मनी और इंग्लैंड तक हो रही है। हर माह 100 टन से अधिक उत्पादन करने वाले इस प्लांट से 150 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
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शहर के गगन विहार निवासी अर्चित गर्ग ने बताया कि गन्ने की खोई की लुगदी से क्रॉकरी तैयार की जा रही है। यह प्लास्टिक के उत्पाद का विकल्प है। इससे पर्यावरण को नुकसान भी नहीं है। अर्चित के अनुसार प्लांट में हर माह 100 टन से अधिक क्रॉकरी और अन्य सामान तैयार की किया जा रहा है। इसमें प्लेट, कटोरी, खानोंदार थाली और खाना रखने वाली ट्रे शामिल हैं। इनकी आपूर्ति हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में की जा रही है। पिछले माह से विदेशों में भी मांग शुरू हुई है। दो खेप जर्मनी और इंग्लैंड भेजी जा चुकी हैं। अब वह कारोबार को और विस्तार देने की तैयारी कर रहे हैं। संवाद
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प्लास्टिक से महंगी, लेकिन पर्यावरण के अनुकूल
अर्चित और पिता विपुल मित्तल के मुताबिक गन्ने की खोई से बनी क्रॉकरी प्लास्टिक के उत्पादों की तुलना में कुछ महंगी है। तीन रुपये में मिलने वाली प्लास्टिक की प्लेट के मुकाबले समान आकार की खोई से बनी प्लेट करीब साढ़े चार रुपये की पड़ती है। हालांकि एक रुपये से शुरू होने वाली प्लेट भी तैयार कर दी है। प्लास्टिक के उत्पाद लंबे समय तक नष्ट नहीं होते और खुले में फेंकने या जलाने से प्रदूषण फैलता है। वहीं, गन्ने की खोई से बनी क्रॉकरी उचित परिस्थितियों में 10 से 15 दिन में प्राकृतिक रूप से नष्ट हो सकती है।
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लुगदी को सांचों में ढालकर तैयार होती है क्रॉकरी
अर्चित ने बताया कि गन्ने की खोई की लुगदी से तैयार सीट को पानी में घोलकर मिश्रण बनाया जाता है। इसके बाद मशीनों में अलग-अलग आकार के सांचे लगाकर प्लेट, कटोरी, खानोंदार थाली और ट्रे तैयार की जाती हैं। उत्पादों की मांग के अनुसार सांचों का आकार बदला जाता है।


प्रयास सराहनीय
उद्योग केंद्र की उपायुक्त रतिका गुप्ता ने अर्चित के प्रयास को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करने की ऐसी पहल दूसरे उद्यमियों के लिए भी प्रेरणादायक है। इससे रोजगार बढ़ाने और प्लास्टिक पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

उद्योग...उधमी द्वारा गन्ने की खोई से तैयार प्लेट। उधमी

उद्योग...उधमी द्वारा गन्ने की खोई से तैयार प्लेट। उधमी

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