फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Paddy crop flattened by the wind; risk of garlic rotting.

Shamli News: हवा में नीचे गिरी धान की फसल, लहसुन के सड़ने का खतरा

Fri, 16 Oct 2026 01:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Fri, 16 Oct 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
Paddy crop flattened by the wind; risk of garlic rotting.
जलालाबाद में बारिश में गिरी धान की फसल। संवाद
जलालाबाद। बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई, जबकि हाल ही में बोई लहसुन की फसल के बीज के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। गोभी, उड़द और गन्ने की फसल पर भी बारिश की मार पड़ी है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद दोबारा खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन

धान उत्पादक किसान पंकज नायक ने बताया कि उनकी फसल पूरी तरह पक चुकी थी और दो-चार दिन में कटाई शुरू होनी थी। तेज हवा और बारिश ने फसल जमीन पर गिरा दी। सब्जी उत्पादक किसान पिंकी सैनी ने बताया कि तैयार गोभी की अगेती फसल के खेत में पानी भर गया है। दो दिन तक पानी नहीं निकला तो पौधे सड़ सकते हैं। लहसुन उत्पादक किसान सचिन सैनी के अनुसार बुवाई के बाद अभी जमाव भी ठीक से नहीं हुआ था कि बारिश से खेत तालाब बन गया। किसान चौधरी यूनुस ने बताया कि उड़द की पककर तैयार फसल में पानी भरने से नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन


जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव के अनुसार अधिक बारिश से सब्जियों के अलावा अन्य फसलों को भी नुकसान हो सकता है। जलभराव से जड़ों को नुकसान पहुंचने और पौधों के सड़ने की आशंका रहती है। फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करें। बारिश के बाद खेतों की स्थिति देखकर ही खाद और दवाओं का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed