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इकबाल काना से मिला सलीम टुइया का कनेक्शन

Sat, 26 Jun 2021 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jun 2021 11:45 PM IST
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Salim's connection with Iqbal Kana
शामली। दरभंगा विस्फोट मामले में पकड़े गए सलीम उर्फ टुइया का कनेक्शन पाकिस्तान में रह रहे इकबाल काना से मिला है। माना जा रहा है कि पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इकबाल के जरिए ही सलीम से संपर्क साधा है। इसका पता लगने पर कैराना में खुफिया एजेंसियों ने अन्य संपर्कों की भी तलाश शुरू कर दी है।
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दरभंगा विस्फोट मामले में पुलिस ने मोहल्ला आल खुर्द निवासी सलीम उर्फ टुइया और कासिम उर्फ कफील को पकड़ा है। सलीम का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कनेक्शन होने का पता लगा है। माना जा रहा है कि उसका यह कनेक्शन पाकिस्तान में रह रहे कैराना के मूल निवासी इकबाल काना के जरिए जुड़ा। इकबाल 1995 में पिस्टल की खेप पकड़े जाने के बाद फरार हो गया था। बाद में पता लगा कि वह पुलिस का दबाव बढ़ने पर परिवार समेत पाकिस्तान भाग गया है। उसके बाद से वह कैराना नहीं लौटा और पाकिस्तान में आईएसआई के संपर्क में आ गया। उसने पाकिस्तान से ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन करना शुरू कर दिया। इसके लिए उसने पाकिस्तान रिश्तेदारी में जाने-आने वालों से संपर्क कर अपने साथ जोड़ना शुरू कर दिया।
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सूत्रों का कहना है कि सलीम उर्फ टुइया भी इकबाल काना के संपर्क में है। इसका पता लगते ही खुफिया एजेंसियों ने कैराना में उसकी जड़े तलाशनी शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि कुछ और लोग भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है। कुछ लोगों के बैंक खातों की भी गोपनीय ढंग से जांच की जा रही है।
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पिता के साथ केले का ठेला लगाता था इकबाल
शामली। इकबाल कभी कैराना में अपने पिता के साथ केले की ठेली लगाता था, लेकिन महत्वाकांक्षी स्वभाव के इकबाल को यह काम पसंद नहीं था। उसने ऐसे लोगों के पासपोर्ट और वीजा बनवाने में मदद करने का काम शुरू किया, जिनकी रिश्तेदारी पाकिस्तान में थी।

90 के दशक में वह पाकिस्तान जाने-आने वालों के जरिए सोने की तस्करी करने लगा। बताया जाता है कि उस समय पाक से डिस्को कपड़ा और मिर्जा चप्पल आती थी। इन कपड़ों और चप्पलों में छिपाकर पाकिस्तान से सोना यहां लाया जाता था। जब दोनों देशों में सोने के भाव का अंतर कम हो गया तो इकबाल ने हथियारों और जाली करेंसी की तस्करी शुरू कर दी। 1995 में पिस्टल की खेप के साथ उसका एक साथी पकड़ा गया था, जबकि इकबाल फरार हो गया था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह अपने परिवार को लेकर पाकिस्तान भाग गया था।
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