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सज संवरकर परिवार के साथ ही मनाएंगी त्योहार

Thu, 23 Jul 2020 12:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 12:13 AM IST
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Saj Sanwarkar will celebrate the festival with family
शामली हरियाली तीज से सम्बधित परिचर्चा फोटो नवविवाहीता का फोटो अन्नु - फोटो : SHAMLI
शामली। हरियाली तीज के त्योहार को लेकर नवविवाहिता महिलाओं में उत्साह रहता है, लेकिन इस उल्लास पर कोरोना महामारी ने पानी फेर दिया है। शादी के बाद पहली तीज पर नवविवाहिताएं अपने मायके तो आईं हैं, लेकिन वे सहेलियों के साथ झूला नहीं झूल सकेंगी। घर में रहकर सजेंगी, संवरेंगी, मेहंदी रचाएंगी और परिवार की महिलाओं के साथ ही त्योहार मनाएंगी।
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कोरोना महामारी का असर हर त्योहार पर पड़ रहा है। हरियाली तीज भी इससे अछूती नहीं रही। महिलाओं के उत्साह और उमंग के इस त्योहार के आनंद को कोरोना ने समेटकर रख दिया है। नवविवाहिता महिलाओं के लिए यह त्योहार बेहद अहम होता है। पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना एवं पूजा-पाठ करने के साथ ही महिलाएं सज-संवरकर सहेलियों के साथ झूला झूलती है। सावन के गीत गाती हैं, लेकिन इस बार कार्यक्रम नहीं होंगे। शहर के मोहल्ला भरत नगर निवासी अन्नू की शादी इसी वर्ष शामली में ही हुई है। वह अपने मायके में हैं। ससुराल से पहली कोथली भी आई है, लेकिन त्योहार पर एक सन्नाटा है। अन्नू बताती हैं कि पहले स्वास्थ्य है। त्योहार तो अगले साल भी मना लिया जाएगा। ग्राम काबड़ौत निवासी पूजा की शादी मेरठ में हुई है। वह भी मायके में है। उसका कहना है कि घर में रहकर ही त्योहार मनाएंगी। परिवार की महिलाओं के साथ मिलकर मेहंदी रचाएंगी और घर में ही झूला डालेंगी। पहली तीज को लेकर मन में काफी उत्साह था लेकिन सब धरा रह गया।
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सिमटती जा रही सावन के गीतों की परंपरा
शामली। महिलाओं के खास त्योहार हरियाली तीज का स्वरूप भी काफी बदल चुका है। बुजुर्ग महिला मूर्ति देवी कहती हैं कि पहले वट या नीम के पेड़ पर झूले डाले जाते थे। गांव की महिलाएं मिलकर झूला झूलती थी और सावन के गीत गाती थी लेकिन अब ये परंपराएं सिमटती जा रही हैं। महावीरी देवी का कहना है कि अब तो महिलाएं गीतों की परंपरा काफी कम हो गई है। डीजे, साउंड सिस्टम पर फिल्मी गाने बजाए जाते हैं। पेड़ कम हो गए हैं इसलिए घरों में ही झूले डाल लिए जाते हैं। पहले पूरे गांव की महिलाएं एक जगह इकट्ठा होती थी और सामूहिक कार्यक्रम होते थे। अब त्योहार केवल परंपराओं को निभाने मात्र के लिए बनाया जाने लगा है।
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तीज से पहले की खरीदारी
शामली। तीज के त्योहार पर इस बार पहले जितनी खरीदारी तो नहीं हुई, लेकिन कुछ महिलाओं ने बाजार में आकर सौंदर्य प्रसाधन खरीदे। नगर के नया बाजार, गांधी चौक बाजार की दुकानों पर महिलाओं ने पहुंचकर मेहंदी एवं कास्मेटिक का सामान खरीदा। दुकानदार विनय कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले बिक्री बहुत कम हुई है। तीज से एक दिन पहले दुकान पर काफी भीड़ रहती थी, लेकिन इस बार कुछ ही महिलाएं खरीदारी के लिए आईं हैं।

शामली हरियाली तीज से सम्बधित  परिचर्चा फोटो नवविवाहीता का फोटो पुजा  देवी

शामली हरियाली तीज से सम्बधित परिचर्चा फोटो नवविवाहीता का फोटो पुजा देवी- फोटो : SHAMLI

शामली स्थित हनुमान धाम पर हरियाली तीज पर झूला झुलतीं महिलाएं। (फाइल फोटो)

शामली स्थित हनुमान धाम पर हरियाली तीज पर झूला झुलतीं महिलाएं। (फाइल फोटो)- फोटो : SHAMLI

शामली स्थित हनुमान धाम पर हरियाली तीज पर झूला झूलतीं महिलाएं। (फाइल फोटो)

शामली स्थित हनुमान धाम पर हरियाली तीज पर झूला झूलतीं महिलाएं। (फाइल फोटो)- फोटो : SHAMLI

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