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संत की शरण में आने से है कल्याण
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Thu, 18 Feb 2016 01:19 AM IST
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शामली। श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के चौथे दिन कथावाचक अरविंद दृष्टा ने कहा कि गुरु ही अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाता है। सच्चे भाव से जो भी संत की शरण में आया, उसका कल्याण हुआ।
भारतीय विद्यार्थी संगम की ओर से हनुमानधाम पर चल रही भागवत कथा सप्ताह में अरविंद दृष्टा ने कहा कि कण कण में परमात्मा विराजमान हैं। केवल दृष्टि बदलने की बात है। हमें अपने कर्मों का भुगतान करने में संकोच नहीं करना चाहिए। सब कुछ यही रह जाएगा, केवल भक्ति ही साथ जाएगी। संकट में केवल परमात्मा ही आपकी सहायता करता है। कथा सप्ताह के दौरान भजन भी सुनाए गए, जिस पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए।
इस दौरान राजीव बंसल, सुधीर सिंघल, दिव्य प्रभाकर, राजकुमार, अनिल संगल, अजय गर्ग, घनश्याम दास तायल, राजेंद्र गुप्ता, सुनील अरोरा, यशपाल पंवार, डॉ. अशोक सिंघल, शिवकुमार, मनोज गोयल, नरेंद्र गोयल, सुमन तायल, साधना संगल, मनोज मित्तल, गिरधारी लाल नारंग, योगेंद्र, ब्रजपाल शर्मा, राजेंद्र गुप्ता रहे।
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भारतीय विद्यार्थी संगम की ओर से हनुमानधाम पर चल रही भागवत कथा सप्ताह में अरविंद दृष्टा ने कहा कि कण कण में परमात्मा विराजमान हैं। केवल दृष्टि बदलने की बात है। हमें अपने कर्मों का भुगतान करने में संकोच नहीं करना चाहिए। सब कुछ यही रह जाएगा, केवल भक्ति ही साथ जाएगी। संकट में केवल परमात्मा ही आपकी सहायता करता है। कथा सप्ताह के दौरान भजन भी सुनाए गए, जिस पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए।
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इस दौरान राजीव बंसल, सुधीर सिंघल, दिव्य प्रभाकर, राजकुमार, अनिल संगल, अजय गर्ग, घनश्याम दास तायल, राजेंद्र गुप्ता, सुनील अरोरा, यशपाल पंवार, डॉ. अशोक सिंघल, शिवकुमार, मनोज गोयल, नरेंद्र गोयल, सुमन तायल, साधना संगल, मनोज मित्तल, गिरधारी लाल नारंग, योगेंद्र, ब्रजपाल शर्मा, राजेंद्र गुप्ता रहे।
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