फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   RLD Muslim card has failed

रालोद का मुस्लिम गणित हुआ फेल

Sun, 09 May 2021 11:40 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
RLD Muslim card has failed
रालोद का मुस्लिम कार्ड हुआ फेल
विज्ञापन

शामली। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में रालोद के 16 में से आठ मुस्लिम प्रत्याशियों के हार जाने के बाद रालोद का मुस्लिम कार्ड पूरी तरह फेल हो गया है।
रालोद ने विधानसभा चुनाव से मुस्लिम जाट समीकरण खड़ा करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में कुल 19 वार्डों में से 16 वार्डों में सबसे ज्यादा आठ मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया था। रालोद के आठ मुस्लिम प्रत्याशियों में वार्ड दो से भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष मास्टर जाहिद, वार्ड चार से मौलाना जावेद, वार्ड चार से नाजिम ठेकेदार, वार्ड नौ से अनवार टपराना, वार्ड 12 से वाजिद प्रमुख, वार्ड 13 से हाजी नूरहसन, वार्ड 16 से हासिम, वार्ड 11 से फरजाना को चुनाव मैदान में रालोद समर्थित प्रत्याशी बनाकर उतारा था।
रालोद को सिर्फ एक मुस्लिम प्रत्याशी फरजाना पत्नी अखलाक ही जीत पाया है। जिला पंचायत के वार्ड 11 पर फरजाना भी सिर्फ मुस्लिम बाहुल्य सीट होने पर जीत पाई है। रालोद के सभी सात मुस्लिम प्रत्याशियों को करारी हार मिली है। रालोद के मुस्लिम प्रत्याशियों को जाट समेत दूूूूसरी जातियों का वोट नहीं मिलने से रालोद के मुस्लिम-जाट समीकरण पर पानी फिरता नजर आया है। रालोद कोटे से जाट प्रत्याशी के रुप में सिर्फ जिला पंचायत के वार्ड 19 से उमेश पंवार जाट बाहुल्य गांव भैंसवाल में बढ़त के कारण जीत संभव हुई है।
विज्ञापन

वार्ड 18 से रालोद प्रत्याशी सीमा मलिक के पति रंधावा मलिक लांक गांव के हैं। लांक गांव में इंटर कालेज में प्रधानाचार्य होने और जाट बाहुल्य होने के साथ रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे हैं। इसी प्रकार वार्ड 17 से अमित कुमार और वार्ड 15 से अरविंद भारसी जाट बाहुल्य के कारण जीत संभव हुई है। रालोद के जिलाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र चेयरमैन का कहना है कि रालोद ने ज्यादातर मुस्लिम प्रत्याशी क्षेत्रीय लोगों की मांग पर दिए थे। वार्ड दो से भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष मास्टर जाहिद पहले भी जिला पंचायत सदस्य रहे चुके है। वार्ड चार से मौलाना जावेद की पत्नी गुलशन पहले जिला पंचायत सदस्य रहे चुकी है। क्षेत्रीय लोगों की मांग पर प्रत्याशी बनाया गया। वार्ड 9 से अनवार टपराना रालोद की प्रदेश कमेटी के महासचिव और वार्ड 12 से वाजिद अली रालोद के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष होने के नाते प्रत्याशी बनाया था। उनकी मंशा जाट-मुस्लिम गणित बनाने की नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशियों के अरमानों पर पानी फिरा
शामली। प्रदेश के पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के चुनाव कराने से इंकार कर दिए जाने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का सपना देखने वाले राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों को करारा झटका लगा है।

गौरतलब तथ्य है कि शामली जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति महिला में है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए रालोद-भाजपा, सपा के पास बहुमत नहीं है। फिलहाल जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भाजपा और रालोद सपा के संयुक्त प्रत्याशी के बीच होना माना जा रहा था। जिपं सदस्य अध्यक्ष पद पर एक ऐसा भी था, जो जिले के दिग्गजों के पास घूम रहा था, उसे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा दिया जाए, मगर प्रदेश के पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के चुनाव कराने से इंकार कर दिए जाने के बाद राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। सरकार कम से कम छह माह के लिए ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुुनाव टाल दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed