नकली नोटों का सच: STF की जांच में खुले बड़े राज, कई जिलों से जुड़े तार, अभी बाकी हैं इन पांच सवालों के जवाब
Shamli News : एसटीएफ की जांच में नकली नोटों को खपाने का सच सामने आया है। वहीं, इस मामले के कई जिलों से तार जुड़े हैं।
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शामली में नकली नोट प्रकरण में प्रतिदिन पुलिस और एसटीएफ की जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। हालांकि एक ही सीरिज के कई नोट मिलने पर इस मामले का खुलासा हो पाया। अब जांच में आया है कि वैसे तो गिरोह के सदस्य पिछले काफी समय से नकली नोट को खपाने में लगे हुए थे, मगर पिछले करीब छह माह से शामली के अलावा मेरठ, बागपत, बिजनौर और अन्य जिलों में 50 से लेकर 100 के नकली नोटों को दुकानों से लेकर अन्य स्थानों पर खपाया जा रहा था।
यही नहीं, जांच में सामने आया है कि हाल ही में उक्त नोटों को किसी मशीन से छापा गया है। अब छापा कहां और किसने है? इसका पता लगाने में जांच एजेंसियां जुट गई हैं। एसपी अभिषेक के निर्देश पर पुलिस और एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमों ने फरार चल रहे गिरोह के सरगना समेत अन्य की तलाश में मेरठ, बागपत, शामली और अन्य स्थानों पर दबिश दी, मगर सफलता हाथ नहीं लग सकी।
कई दुकानों पर दिए नोट, कार्यक्रमों में भी खपाए
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों ने शामली, बागपत, और मेरठ के कई स्थानों पर 50 और 100 के नकली नोट खपाए हैं। 100 और 50 के ही नोटों को इसलिए इस्तेमाल किया जाता था, क्योंकि इन पर काेई शक नहीं करता, जबकि 500 के नोट में पकड़े जाने का डर रहता है।
एक ही सीरिज के नोट मिलने पर एसटीएफ हुई थी सक्रिय
सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पूर्व ही एसटीएफ के हाथ एक ही सीरिज के 50 और 100 के कुछ नोट लग गए थे। जिस पर एसटीएफ को शक हुआ और उन्होंने गिरोह के इमरान व भाइयों और अन्य को पकड़ने के लिए फील्डिंग बैठाई थी। जिसमें एसटीएफ और पुलिस कामयाब भी रही।
बागपत, शामली और मेरठ के कई लोग रडार पर
एसटीएफ को जांच में पता चला है कि पकड़ा गया आरोपी इमरान का परिवार पहले बागपत जिले में रहता था। माना जा रहा है कि बागपत के कुछ लोग या फिर इमरान के दोस्त भी प्रकरण में शामिल हो सकते हैं। एसटीएफ ने इसकी जांच शुरू कर दी है। मेरठ और शामली के कई लोग भी रडार पर है, जिनसे पूछताछ भी शुरू कर दी गई है।
एसटीएफ और बैंक अधिकारियों की जांच में नकली नोटों में यह मिलीं खामियां
एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह से बरामद 50 और 100 के कई नोटों की सीरिज एक ही है। इसके अलावा नजदीक से देखने पर वाटर मार्क भी अलग तरह का दिखाई देता है। गांधी जी का फोटो भी अलग नजर आ रहा है। पुलिस ने बैंक अधिकारियों से भी नोटों की जांच कराई है।
इन सवालों के जवाब अभी बाकी
- नकली नोट प्रकरण में कांधला के नफीस को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मगर नफीस किसके इशारे पर नकली नोटों को सप्लाई करा रहा है?
- पाकिस्तान से गिरोह का संबंध तो नहीं है?
- काफी समय से गिरोह नकली नोटों का कारोबार कर रहा था, फिर पुलिस पहले गिरोह को क्यों नहीं पकड़ सकी?
- अब तक गिरोह कितनी रकम के नकली नोटों को वेस्ट यूपी या फिर अन्य राज्यों में खपा चुका हैं?
- गिरोह में इमरान, नफीस समेत पांच ही सदस्य है या फिर अन्य भी कई गिरोह के सदस्य नकली नोटों का धंधा कर रहे हैं?
गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरोह के सभी सदस्य पुलिस की पकड़ में होंगे। नकली करेंसी प्रकरण में जिन भी लोगों के नाम सामने आएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। एसटीएफ का पूरा सहयोग मिल रहा है। - अभिषेक, एसपी शामली