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सूचना अधिकार की शिकायतों का एक माह में जबाव देकर निस्तारित करें
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कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्री?
- फोटो : SHAMLI
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना अधिकार के तहत आने वाली शिकायतों का एक माह में जवाब देकर दायित्वों का निर्वहन करें। मामले पर तुरंत सुनवाई करते निस्तारित किया जाए। राज्य सूचना आयोग के सभी आदेश ऑनलाइन वेबसाइट पर डाले जा रहे हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला होने से अर्थदंड वसूली आरटीआई प्रभावित हो रही है।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने जिले के जन सूचना अधिकारियों, प्रथम अपीलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आयोग के अर्थदंड वसूली के सभी आदेश वेबसाइट पर हैं। उन्होंने अर्थदंड वसूली में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनाती शहरों में सबंधित डीएम-एडीएम को कार्रवाई के लिए प्रकरण भेजे। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्हाट्स एप को लीगल नहीं माना जाएगा। आयोग के समक्ष अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनिधि के रूप में भेजते समय अधिकार पत्र जारी किया जाए।
आयोग के आने वाले नोटिस पर संबंधित अधिकारी मार्किंग न करें। राज्य सूचना आयुक्त की ओर से 62 लंबित प्रकरण प्राप्त कराए गए। आयोग में 44 प्रकरण सुनवाई के लिए लंबित हैं। राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि शामली जिले में अधिकारियों पर सुनवाई के लिए 230 प्रकरण लंबित हैं। अर्थदंड वसूली के लिए अन्य जनपद के अधिकारियों पर 187 प्रकरण लंबित हैं। जिनकी वसूली अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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राज्य सूचना आयुक्त ने जन सूचना अधिकारियों व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के अनुभव और सुझाव पर भी चर्चा की। कहा कि सूचना का अधिकार एक्ट के तहत सकारात्मक रवैया अपनाते हुए आवेदन कर्ता को मांगी गई सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि आयोग में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। बैठक में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, नोडल अधिकारी एडीएम संतोष सिंह, जन सूचना अधिकारी मनी अरोड़ा, कलक्ट्रेट जन सूचना सहायक मेहताब अली सहित सभी विभागों के जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारी मौजूद रहे।
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शामली। प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना अधिकार के तहत आने वाली शिकायतों का एक माह में जवाब देकर दायित्वों का निर्वहन करें। मामले पर तुरंत सुनवाई करते निस्तारित किया जाए। राज्य सूचना आयोग के सभी आदेश ऑनलाइन वेबसाइट पर डाले जा रहे हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला होने से अर्थदंड वसूली आरटीआई प्रभावित हो रही है।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने जिले के जन सूचना अधिकारियों, प्रथम अपीलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आयोग के अर्थदंड वसूली के सभी आदेश वेबसाइट पर हैं। उन्होंने अर्थदंड वसूली में शामिल अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनाती शहरों में सबंधित डीएम-एडीएम को कार्रवाई के लिए प्रकरण भेजे। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्हाट्स एप को लीगल नहीं माना जाएगा। आयोग के समक्ष अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनिधि के रूप में भेजते समय अधिकार पत्र जारी किया जाए।
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आयोग के आने वाले नोटिस पर संबंधित अधिकारी मार्किंग न करें। राज्य सूचना आयुक्त की ओर से 62 लंबित प्रकरण प्राप्त कराए गए। आयोग में 44 प्रकरण सुनवाई के लिए लंबित हैं। राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि शामली जिले में अधिकारियों पर सुनवाई के लिए 230 प्रकरण लंबित हैं। अर्थदंड वसूली के लिए अन्य जनपद के अधिकारियों पर 187 प्रकरण लंबित हैं। जिनकी वसूली अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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राज्य सूचना आयुक्त ने जन सूचना अधिकारियों व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के अनुभव और सुझाव पर भी चर्चा की। कहा कि सूचना का अधिकार एक्ट के तहत सकारात्मक रवैया अपनाते हुए आवेदन कर्ता को मांगी गई सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि आयोग में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। बैठक में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, नोडल अधिकारी एडीएम संतोष सिंह, जन सूचना अधिकारी मनी अरोड़ा, कलक्ट्रेट जन सूचना सहायक मेहताब अली सहित सभी विभागों के जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारी मौजूद रहे।