{"_id":"604fa5f78ebc3ec89c780cd6","slug":"reservation-will-be-renewed-shamli-news-mrt530113981","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरक्षण का होगा नए सिरे से निर्धारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरक्षण का होगा नए सिरे से निर्धारण
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शामली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के नए आदेश से ग्राम पंचायतों के आरक्षण में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और बीडीसी पदों के लिए आरक्षण में बदलाव होने की उम्मीद कम ही है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं तथा पंचायत चुनाव की चल रही तैयारियों को झटका लगा है।
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत ब्लॉक प्रमुख, बीडीसी, ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन दो मार्च को जारी किया गया था जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष पद शासन स्तर से पहले ही अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया था। पहले आरक्षण का निर्धारण 1995 को आधार वर्ष मानकर चक्रानुक्रम में किया गया था लेकिन अब हाईकोर्ट ने 2015 के चुनाव को आधार वर्ष मानकर आरक्षण जारी करने के आदेश दिए हैं। नए आदेश से ग्राम पंचायतों के आरक्षण में बदलाव होने की संभावना बन गई है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि 2015 के चुनाव में केवल ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण को नए सिरे से लागू किया गया था जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और बीडीसी का आरक्षण 1995 के चुनाव को आधार मानकर चक्रानुक्रम में लागू हुआ था। इसी आधार पर ही इस बार का भी आरक्षण आगे बढ़ाया गया था।
हालांकि हालांकि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद जिला स्तर पर अभी कुछ स्पष्ट तौर पर कहने की स्थिति में नहीं है। शासनादेश जारी होने के बाद आरक्षण की तस्वीर साफ हो सकेगी। ।
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फिर से अपनाई जाएगी पूरी प्रक्रिया
आरक्षण को लेकर फिर से पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। नया आदेश जारी होने से अब तक आरक्षण को लेकर जो भी कवायद हुई वह शून्य हो गई है। अब फिर से शासनादेश जारी होगा। इमें दो से तीन दिन लग सकते हैं। इसके बाद 25 से 27 मार्च तक अनंतिम आरक्षण सूची जारी होने की संभावना है। इसके बाद फिर आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निस्तारण कर अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के चलते पंचायत चुुनाव लगभग एक माह आगे खिसने की उम्मीद है।
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त्रिस्तरीय पंचायत के अंतर्गत पदों की संख्या
जिला पंचायत अध्यक्ष: 01
जिला पंचायत सदस्य: 19
ग्राम प्रधान: 230
ग्राम पंचायत सदस्य: 3126
ब्लॉक प्रमुख: 05
क्षेत्र पंचायत सदस्य: 464
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इन्होंने कहा...
शासनादेश जारी होने के बाद ही सही तरीके से कुछ कहा जा सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में अब तो जो सुनने में आया, उससे आरक्षण में फेरबदल की संभावना नजर आ रही है।
- आलोक शर्मा, डीपीआरओ।
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जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत ब्लॉक प्रमुख, बीडीसी, ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन दो मार्च को जारी किया गया था जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष पद शासन स्तर से पहले ही अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया था। पहले आरक्षण का निर्धारण 1995 को आधार वर्ष मानकर चक्रानुक्रम में किया गया था लेकिन अब हाईकोर्ट ने 2015 के चुनाव को आधार वर्ष मानकर आरक्षण जारी करने के आदेश दिए हैं। नए आदेश से ग्राम पंचायतों के आरक्षण में बदलाव होने की संभावना बन गई है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि 2015 के चुनाव में केवल ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के आरक्षण को नए सिरे से लागू किया गया था जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और बीडीसी का आरक्षण 1995 के चुनाव को आधार मानकर चक्रानुक्रम में लागू हुआ था। इसी आधार पर ही इस बार का भी आरक्षण आगे बढ़ाया गया था।
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हालांकि हालांकि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद जिला स्तर पर अभी कुछ स्पष्ट तौर पर कहने की स्थिति में नहीं है। शासनादेश जारी होने के बाद आरक्षण की तस्वीर साफ हो सकेगी। ।
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फिर से अपनाई जाएगी पूरी प्रक्रिया
आरक्षण को लेकर फिर से पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। नया आदेश जारी होने से अब तक आरक्षण को लेकर जो भी कवायद हुई वह शून्य हो गई है। अब फिर से शासनादेश जारी होगा। इमें दो से तीन दिन लग सकते हैं। इसके बाद 25 से 27 मार्च तक अनंतिम आरक्षण सूची जारी होने की संभावना है। इसके बाद फिर आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निस्तारण कर अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के चलते पंचायत चुुनाव लगभग एक माह आगे खिसने की उम्मीद है।
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त्रिस्तरीय पंचायत के अंतर्गत पदों की संख्या
जिला पंचायत अध्यक्ष: 01
जिला पंचायत सदस्य: 19
ग्राम प्रधान: 230
ग्राम पंचायत सदस्य: 3126
ब्लॉक प्रमुख: 05
क्षेत्र पंचायत सदस्य: 464
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इन्होंने कहा...
शासनादेश जारी होने के बाद ही सही तरीके से कुछ कहा जा सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में अब तो जो सुनने में आया, उससे आरक्षण में फेरबदल की संभावना नजर आ रही है।
- आलोक शर्मा, डीपीआरओ।