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यूक्रेन से लौटे छात्रों के परिजन डीएम से मिले
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शामली कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे यूक्रेन से लौटे छात्रों के अभिवावक।
- फोटो : SHAMLI
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यूक्रेन से लौटे छात्रों के परिजन डीएम से मिले
शामली। रूस से युद्ध के बीच यूक्रेन से लौटे छात्रों के अभिभावक मंगलवार को डीएम से मिले। बच्चों की पढ़ाई की चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से छात्र-छात्राओं के वर्षवार प्रवेश कराने की मांग की है। उन्होंने न्यायसंगत फीस को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं के प्रवेश मेडिकल कॉलेजों में कराने की मांग की है।
मंगलवार को अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम जसजीत कौर को सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि यूक्रेन देश में फंसे हुए सभी भारतीय छात्र ऑपरेशन गंगा के तहत अपनी मातृभूमि भारत वापस आ गए। लेकिन इस युद्ध क्षेत्र से सकुशल बच कर आए छात्र-छात्राओं के भविष्य का संकट बना हुआ है। इन छात्रों को भारत स्थित मेडिकल कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में आगे की अधूरी पढ़ाई करने के लिए प्रवेश दिलाया जाए, ताकि वे अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर सके और न्यायसंगत फीस को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ अभिभावकगण कोरोना की समस्या से ग्रस्त हो चुके हैं तो बैंकों ने उन्हें शिक्षा ऋण भी उपलब्ध कराया जाए। छात्रों को तनाव से बचाने के लिए काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जाए। इस अवसर पर पंकज जैन, दिनेश कुमार, प्रभात भार्गव, सुमित कुमार, सुधाकर आर्य आदि मौजूद रहे।
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शामली। रूस से युद्ध के बीच यूक्रेन से लौटे छात्रों के अभिभावक मंगलवार को डीएम से मिले। बच्चों की पढ़ाई की चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से छात्र-छात्राओं के वर्षवार प्रवेश कराने की मांग की है। उन्होंने न्यायसंगत फीस को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं के प्रवेश मेडिकल कॉलेजों में कराने की मांग की है।
मंगलवार को अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम जसजीत कौर को सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि यूक्रेन देश में फंसे हुए सभी भारतीय छात्र ऑपरेशन गंगा के तहत अपनी मातृभूमि भारत वापस आ गए। लेकिन इस युद्ध क्षेत्र से सकुशल बच कर आए छात्र-छात्राओं के भविष्य का संकट बना हुआ है। इन छात्रों को भारत स्थित मेडिकल कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में आगे की अधूरी पढ़ाई करने के लिए प्रवेश दिलाया जाए, ताकि वे अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर सके और न्यायसंगत फीस को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ अभिभावकगण कोरोना की समस्या से ग्रस्त हो चुके हैं तो बैंकों ने उन्हें शिक्षा ऋण भी उपलब्ध कराया जाए। छात्रों को तनाव से बचाने के लिए काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जाए। इस अवसर पर पंकज जैन, दिनेश कुमार, प्रभात भार्गव, सुमित कुमार, सुधाकर आर्य आदि मौजूद रहे।
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