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Shamli News: जिले में गति नहीं पकड़ पा रहा बच्चों का नियमित टीकाकरण

Tue, 17 Jan 2023 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jan 2023 12:06 AM IST
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Regular vaccination of children is not catching pace in the district
शामली। पांच साल तक के बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए होने वाला नियमित टीकाकरण जिले में गति नहीं पकड़ रहा है। वंचित बच्चों को टीके लगाने के लिए नौ जनवरी से 20 जनवरी तक विशेष टीकाकरण पखवाड़ा चलाया जा रहा है। अब तक वंचित 17281 बच्चों में से 6816 बच्चों को ही टीके लग पाए हैं।
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गलघोंटू, खांसी, निमोनिया, टीबी, पोलियो व खसरा आदि जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए पांच साल तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण किया जाता है। पहले कोरोना संक्रमण काल, उसके बाद अन्य वजह से नियमित टीकाकरण नहीं हो पाया और बच्चों का सुरक्षा चक्र टूट गया था। शासन ने स्वास्थ्य विभाग को टीकाकरण से वंचित बच्चों को विशेष पखवाड़ा अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के निर्देश दिए हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग के कराए गए सर्वे में पांच साल तक के कुल 177350 बच्चे हैं, जिनमें से 17281 बच्चे यानि लगभग दस प्रतिशत टीकाकरण से वंचित मिले थे। सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि विशेष टीकाकरण पखवाड़ा में कुल 668 बूथों पर टीके लगाए जा रहे हैं। पहले छह दिन में 6816 बच्चों को यानि एक तिहाई के लगभग टीके लगे हैं। अब टीकाकरण पखवाड़े के मात्र चार दिन बचे हैं। उनका मानना है कि छह दिन में करीब दस हजार बच्चों को टीके लगने चाहिए थे। सीएमओ ने लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने पांच साल तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण अवश्य कराएं और उनका जीवन सुरक्षित बनाएं। जिला अस्पताल, सभी सीएचसी व पीएचसी और ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए बूथों पर बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए आशाओं के माध्यम से वंचित बच्चों के परिवार से संपर्क कर टीके लगवाएं जा रहे हैं।
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बच्चों को पिलाएं विटामिन ए की नौ खुराक
शामली। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि जिले में विटामिन ए संपूर्ण कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम 28 दिसंबर तक चलेगा। इसके तहत नौ माह के बच्चे को छह-छह माह के अंतर पर विटामिन ए की नौ खुराक सरकारी अस्पतालों में पिलाई जाती है। विटामिन ए की खुराक लेने से बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे डायरिया व निमोनिया जैसी बीमारी से बचाव होता है। इनके अलावा रतौंधी और आंखों की बीमारी से भी बचाव होता है। उन्होंने बताया कि विटामिन ए की खुराक निर्धारित से ज्यादा मात्रा लेने से नुकसानदायक हो सकती है।
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