{"_id":"5912131f4f1c1baa7c852769","slug":"refuses-to-enroll-under-rte","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीई के तहत दाखिला देने से किया मना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीई के तहत दाखिला देने से किया मना
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 May 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
problem
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। आरटीई के तहत होने वाले दाखिलों में की जा रही निजी स्कूल की मनमानी से परेशान अभिभावक ने मंगलवार को एसडीएम से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
कस्बा बनत निवासी अजय कुमार ने बताया कि उनके बच्चे का दाखिला मेपल्स एकेडमी होना था। बीएसए कार्यालय से तीन मई को दाखिले का लेटर दे दिया गया था। वह दाखिला कराने स्कूल पहुंचे तो स्कूल संचालक आज कल कहकर रोज टरकाते रहे। इसके बाद प्रधानाचार्य ने स्कूल में मंगलवार को आने के लिए कह दिया।
मंगलवार को स्कूल जाने के बाद प्रधानाचार्य ने लेटर पर यह लिखकर मना कर दिया कि आरटीई के तहत गांव से तीन किमी की दूरी पर पड़ने वाले गांव के बच्चे का ही दाखिला होता है। जबकि तुम्हारा गांव स्कूल से सात किमी पड़ता है। बच्चे का दाखिला यहां नहीं हो सकता।
विज्ञापन
प्रार्थी का कहना है कि उसका गांव स्कूल से सिर्फ दो किलोमीटर ही पड़ता है। उन्होंने एडीएम से स्कूल संचालक के खिलाफ शिकायत करते हुए बच्चे का दाखिला लेटर में दिए गए स्कूल में ही कराने की मांग की है। एडीएम ने मामले की जांच की बात कही है।
विज्ञापन
कस्बा बनत निवासी अजय कुमार ने बताया कि उनके बच्चे का दाखिला मेपल्स एकेडमी होना था। बीएसए कार्यालय से तीन मई को दाखिले का लेटर दे दिया गया था। वह दाखिला कराने स्कूल पहुंचे तो स्कूल संचालक आज कल कहकर रोज टरकाते रहे। इसके बाद प्रधानाचार्य ने स्कूल में मंगलवार को आने के लिए कह दिया।
विज्ञापन
मंगलवार को स्कूल जाने के बाद प्रधानाचार्य ने लेटर पर यह लिखकर मना कर दिया कि आरटीई के तहत गांव से तीन किमी की दूरी पर पड़ने वाले गांव के बच्चे का ही दाखिला होता है। जबकि तुम्हारा गांव स्कूल से सात किमी पड़ता है। बच्चे का दाखिला यहां नहीं हो सकता।
विज्ञापन
प्रार्थी का कहना है कि उसका गांव स्कूल से सिर्फ दो किलोमीटर ही पड़ता है। उन्होंने एडीएम से स्कूल संचालक के खिलाफ शिकायत करते हुए बच्चे का दाखिला लेटर में दिए गए स्कूल में ही कराने की मांग की है। एडीएम ने मामले की जांच की बात कही है।