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दुकानों के आवंटन प्रकरण में कर लिपिक के निलंबन की संस्तुति
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कर लिपिक के निलंबन की संस्तुति
शामली। नगरपालिका शामली की 22 दुकानों को बिना नीलामी के आवंटन करने के प्रकरण मेें अधिशासी अधिकारी ने कर लिपिक के निलंबन की संस्तुति करते हुए पालिका चेयरपर्सन को रिपोर्ट भेजी है। कर लिपिक पर निजी स्वार्थ के चलते शासनादेश का उल्लंघन करने का आरोप है।
पिछले महीने 20 जुलाई को पालिका के सभासद अनिल उपाध्याय, पंकज गुप्ता, राजीव गोयल और सभासद के पति निशिकांत संगल ने भैंसवाल रोड पर नई मंडी के सामने प्रथम तल की 22 दुकानों को बिना नीलामी आवंटन करने का आरोप लगाया था। सभासदों ने दुकान आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कर्मचारी व कुछ सभासदों की मिलीभगत से अपने चहेतों व परिवार के सदस्यों को औने-पौने दाम में दुकान आवंटन करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी।
डीएम के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच एसडीएम कैराना उद्भव त्रिपाठी कर रहे हैं। इस प्रकरण में पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने दुकान आवंटन की रसीद जारी करने वाले कर लिपिक लक्ष्मण सिंह के निलंबन की संस्तुति करते हुए पालिका चेयरपर्सन अंजना बंसल को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में अधिशासी अधिकारी का कहना है कि कर लिपिक ने अपनी कुटनीति व निजी स्वार्थ के कारण दो दुकानों को अपनी पत्नी के नाम व बाकी अन्य व्यक्तियों के नाम अनियमित रूप से रसीद जारी कर दी गई।
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कर लिपिक ने दुकानों के आवंटन संबंधी कोई जानकारी उन्हें नहीं दी और न ही नीलामी, टेंडर आदि की प्रक्रिया को अपनाया गया। जबकि नगरपालिका के शासनादेश में स्पष्ट है कि किसी भी संपत्ति दुकानों का आवंटन, हस्तांतरण सार्वजनिक नीलामी के द्वारा कराया जाए, लेकिन इस प्रकरण में शासनादेश का उल्लंघन किया गया, जिससे पालिका को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा। अधिशासी अधिकारी ने अनियमितताओं व अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही के चलते पालिका को क्षति होने के आरोप में कर लिपिक के निलंबन की संस्तुति की है।
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शामली। नगरपालिका शामली की 22 दुकानों को बिना नीलामी के आवंटन करने के प्रकरण मेें अधिशासी अधिकारी ने कर लिपिक के निलंबन की संस्तुति करते हुए पालिका चेयरपर्सन को रिपोर्ट भेजी है। कर लिपिक पर निजी स्वार्थ के चलते शासनादेश का उल्लंघन करने का आरोप है।
पिछले महीने 20 जुलाई को पालिका के सभासद अनिल उपाध्याय, पंकज गुप्ता, राजीव गोयल और सभासद के पति निशिकांत संगल ने भैंसवाल रोड पर नई मंडी के सामने प्रथम तल की 22 दुकानों को बिना नीलामी आवंटन करने का आरोप लगाया था। सभासदों ने दुकान आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कर्मचारी व कुछ सभासदों की मिलीभगत से अपने चहेतों व परिवार के सदस्यों को औने-पौने दाम में दुकान आवंटन करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी।
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डीएम के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच एसडीएम कैराना उद्भव त्रिपाठी कर रहे हैं। इस प्रकरण में पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने दुकान आवंटन की रसीद जारी करने वाले कर लिपिक लक्ष्मण सिंह के निलंबन की संस्तुति करते हुए पालिका चेयरपर्सन अंजना बंसल को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में अधिशासी अधिकारी का कहना है कि कर लिपिक ने अपनी कुटनीति व निजी स्वार्थ के कारण दो दुकानों को अपनी पत्नी के नाम व बाकी अन्य व्यक्तियों के नाम अनियमित रूप से रसीद जारी कर दी गई।
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कर लिपिक ने दुकानों के आवंटन संबंधी कोई जानकारी उन्हें नहीं दी और न ही नीलामी, टेंडर आदि की प्रक्रिया को अपनाया गया। जबकि नगरपालिका के शासनादेश में स्पष्ट है कि किसी भी संपत्ति दुकानों का आवंटन, हस्तांतरण सार्वजनिक नीलामी के द्वारा कराया जाए, लेकिन इस प्रकरण में शासनादेश का उल्लंघन किया गया, जिससे पालिका को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा। अधिशासी अधिकारी ने अनियमितताओं व अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही के चलते पालिका को क्षति होने के आरोप में कर लिपिक के निलंबन की संस्तुति की है।