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कोटा से पहुंचे पांच छात्रों का रैपिड टेस्ट
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कोटा से पहुंचे पांच छात्रों का रैपिड टेस्ट
शामली। राजस्थान के कोटा में लॉकडाउन में फंसे जनपद के पांच छात्रों को रोडवेज बस से शामली लाया गया। छात्रों को कैराना रोड स्थित एक स्कूल में रखा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्रों का रैपिड टेस्ट किया गया। अधिकारियों के मुताबिक सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
लॉकडाउन के चलते राजस्थान कोटा में फंसे प्रदेश के छात्र-छात्राओं को सरकार ने लाने की व्यवस्था की है। इसके तहत रविवार को अलग-अलग दो बसों से जनपद के पांच छात्र शामली पहुंचे। एक बस में दो छात्र और दूसरी बस में तीन छात्र शामली पहुंचे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पांचों छात्रों को कैराना रोड स्थित एक स्कूल में रखा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल में पहुंचकर पांचों छात्रों का रैपिड टेस्ट किया गया। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक रैपिड टेस्ट में सभी पांचों छात्रों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। किसी भी छात्र में कोरोना का कोई भी संदिग्ध लक्षण नहीं मिला और सभी स्वस्थ हैं। छात्रों को अभी स्कूल में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें घर भेजा जाएगा, जहां पर वे कम से कम सात दिन होम क्वारंटीन रहेंगे।
क्या है रैपिड टेस्ट
सीएचसी के आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज डॉ. विजेंद्र कुमार का कहना है कि रैपिड टेस्ट से तत्काल वायरस के होने या पूर्व में संक्रमण होने का पता चलता है। रैपिड टेस्ट में ब्लड और सीरम का सैंपल लेकर जांच की जाती है। जब शरीर में किसी वायरस का संक्रमण होता है तो उससे बचाव के लिए शरीर में खुद एंटी बॉडी तैयार होती है। रैपिड टेस्ट में मुख्यतया यह पता चलता है कि कि शरीर में एंटी बॉडी बनी है या नहीं। अगर एंटी बॉडी बनी है तो माना जाता है कि शरीर के अंदर वायरस का संक्रमण हुआ था या अभी है। यह टेस्ट कई मापदंड पर निर्भर करता है। यह एक स्क्रीनिंग और एंटीजन एंटी बॉडी टेस्ट है।
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शामली। राजस्थान के कोटा में लॉकडाउन में फंसे जनपद के पांच छात्रों को रोडवेज बस से शामली लाया गया। छात्रों को कैराना रोड स्थित एक स्कूल में रखा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्रों का रैपिड टेस्ट किया गया। अधिकारियों के मुताबिक सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
लॉकडाउन के चलते राजस्थान कोटा में फंसे प्रदेश के छात्र-छात्राओं को सरकार ने लाने की व्यवस्था की है। इसके तहत रविवार को अलग-अलग दो बसों से जनपद के पांच छात्र शामली पहुंचे। एक बस में दो छात्र और दूसरी बस में तीन छात्र शामली पहुंचे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पांचों छात्रों को कैराना रोड स्थित एक स्कूल में रखा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल में पहुंचकर पांचों छात्रों का रैपिड टेस्ट किया गया। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक रैपिड टेस्ट में सभी पांचों छात्रों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। किसी भी छात्र में कोरोना का कोई भी संदिग्ध लक्षण नहीं मिला और सभी स्वस्थ हैं। छात्रों को अभी स्कूल में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें घर भेजा जाएगा, जहां पर वे कम से कम सात दिन होम क्वारंटीन रहेंगे।
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क्या है रैपिड टेस्ट
सीएचसी के आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज डॉ. विजेंद्र कुमार का कहना है कि रैपिड टेस्ट से तत्काल वायरस के होने या पूर्व में संक्रमण होने का पता चलता है। रैपिड टेस्ट में ब्लड और सीरम का सैंपल लेकर जांच की जाती है। जब शरीर में किसी वायरस का संक्रमण होता है तो उससे बचाव के लिए शरीर में खुद एंटी बॉडी तैयार होती है। रैपिड टेस्ट में मुख्यतया यह पता चलता है कि कि शरीर में एंटी बॉडी बनी है या नहीं। अगर एंटी बॉडी बनी है तो माना जाता है कि शरीर के अंदर वायरस का संक्रमण हुआ था या अभी है। यह टेस्ट कई मापदंड पर निर्भर करता है। यह एक स्क्रीनिंग और एंटीजन एंटी बॉडी टेस्ट है।
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