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रजनीश की मौत की गुत्थी उलझी
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झिंझाना। जंधेड़ी निवासी युवक की मौत को पुलिस आत्महत्या मान रही है, लेकिन परिजन इसे हत्या करार दे रहे हैं।
कैराना थाना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी निवासी करीब 30 वर्षीय रजनीश पुत्र प्रेम प्रकाश का शव मंगलवार को जमालपुर के जंगल में आम के एक बाग में पेड़ पर लटका मिला था। उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी। माना जा रहा है कि किसी ने गला दबाकर हत्या की हो, मगर पुलिस इस मामले को आत्महत्या मान रही है। रजनीश करनाल के अंधेड़ा गांव में फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। उसका बागपत के सूप गांव की युवती से रिश्ता तय हो चुका था। 12 फरवरी को रजनीश का घर से दुकान पर जाने के लिए निकला था। लेकिन शामली में अपनी तहेरी बहन के यहां पहुंचा और वहां बाइक खड़ी की। इसके बाद बागपत में अपने होने वाली ससुराल गांव सूप के लिए बिराल तक बस में गया, लेकिन ससुराल भी नहीं पहुंचा उसकी जेब से रोडवेज बस का टिकट भी मिला है। बताया जा रहा है कि सूप गांव की युवती के साथ उसकी फोन पर लंबी बात हुई। परिजनों के अनुसार 13 फरवरी को शाम तक उसने हरियाणा की दुकान से घर आने की बात कही थी। मगर इस दौरान रजनीश अपनी करनाल जिले के अंधेड़ा गांव की दुकान पर भी पहुंचा ही नहीं था।
बुधवार को जंधेड़ी गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह कश्यप, चाचा रमेश चंद कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उनके सामने आत्महत्या करार दिया। साथ ही बृहस्पतिवार को रजनीश के फोन की सीडीआर निकलवाने की बात कही है। परिजन इस मामले को आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर हत्या का भी कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। परिजनों की ओर से इस मामले में कोई तहरीर अभी तक नहीं दी गई है।
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कैराना थाना क्षेत्र के गांव जंधेड़ी निवासी करीब 30 वर्षीय रजनीश पुत्र प्रेम प्रकाश का शव मंगलवार को जमालपुर के जंगल में आम के एक बाग में पेड़ पर लटका मिला था। उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी। माना जा रहा है कि किसी ने गला दबाकर हत्या की हो, मगर पुलिस इस मामले को आत्महत्या मान रही है। रजनीश करनाल के अंधेड़ा गांव में फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। उसका बागपत के सूप गांव की युवती से रिश्ता तय हो चुका था। 12 फरवरी को रजनीश का घर से दुकान पर जाने के लिए निकला था। लेकिन शामली में अपनी तहेरी बहन के यहां पहुंचा और वहां बाइक खड़ी की। इसके बाद बागपत में अपने होने वाली ससुराल गांव सूप के लिए बिराल तक बस में गया, लेकिन ससुराल भी नहीं पहुंचा उसकी जेब से रोडवेज बस का टिकट भी मिला है। बताया जा रहा है कि सूप गांव की युवती के साथ उसकी फोन पर लंबी बात हुई। परिजनों के अनुसार 13 फरवरी को शाम तक उसने हरियाणा की दुकान से घर आने की बात कही थी। मगर इस दौरान रजनीश अपनी करनाल जिले के अंधेड़ा गांव की दुकान पर भी पहुंचा ही नहीं था।
बुधवार को जंधेड़ी गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह कश्यप, चाचा रमेश चंद कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने उनके सामने आत्महत्या करार दिया। साथ ही बृहस्पतिवार को रजनीश के फोन की सीडीआर निकलवाने की बात कही है। परिजन इस मामले को आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर हत्या का भी कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। परिजनों की ओर से इस मामले में कोई तहरीर अभी तक नहीं दी गई है।
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