{"_id":"649d77caa8048bfcf00b9c76","slug":"rain-started-yamuna-embankment-damaged-at-places-shamli-news-c-26-1-sal1001-5024-2023-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: बरसात शुरू, यमुना तटबंध जगह-जगह से क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: बरसात शुरू, यमुना तटबंध जगह-जगह से क्षतिग्रस्त
Thu, 29 Jun 2023 05:53 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 29 Jun 2023 05:53 PM IST
विज्ञापन
- तटबंध में कई स्थानों पर आई है दरार, बाढ़ में तटबंध से तटवर्ती गांवों का होता है बचाव
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। बरसात शुरू हो गई है लेकिन यमुना का तटबंध जगह जगह से क्षतिग्रस्त है। तटबंध की सड़क में भी बड़े बड़े गड्ढे बने हैं। बरसात में तटबंध को और अधिक क्षति पहुंच सकती है। लेकिन ड्रेनेज विभाग ने अभी तक तटबंध की मरम्मत नहीं कराई है।
यमुना नदी के यूपी की तरफ बाढ़ से बचाव के लिए कई दशक पहले तटबंध बनाया गया था। तटबंध के ऊपर सड़क भी बनी है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। इसी तटबंध की सड़क से रेत खनन के वाहन भी गुजरते हैं। रेत के भारी वाहनों व रखरखाव के अभाव में तटबंध में जगह जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा तटबंध में जगह जगह दरार भी देखी जा सकती है। आने वाली बरसात में यमुना का जलस्तर भी बढ़ जाएगा। जिस कारण तटबंध को और अधिक नुकसान हो सकता है। तटवर्ती ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द तटबंध की मरम्मत कराए ताकि उनके गांव सुरक्षित हो।
कोट
बुधवार को भी डीएम ने ड्रनेज विभाग को तटबंध की मरम्मत कराने के लिए निर्देशित किया है। ड्रनेज विभाग ने तटबंध के क्षतिग्रस्त वाले स्थानों को चिन्हित कर लिया है। शुक्रवार को रेत खनन तीन माह के लिए बंद हो जाएगा। रेत के वाहन बंद होने के तुरन्त बाद मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जायेगा। -एसडीएम निकिता शर्मा, कैराना
विज्ञापन
- 2013 की बाढ़ में बह गया था यमुना के पुल का हिस्सा
जून 2013 में यमुना में इतनी भयंकर बाढ़ आई थी कि यमुना के पुल का हरियाणा की ओर का हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया था। जिस कारण करीब 25 दिन तक पानीपत वाहनों का आना जाना बंद हो गया था। 2013 में ही मवी के पास बाढ़ से तटबंध पानी में बह गया था जिस कारण मवी, सहपत व मामौर में बाढ़ ने तबाही मचाई थी। तटबंध से यमुना खादर के गांव को बाढ़ से सुरक्षा मिलती है।
ग्रामीणों का यह कहना-
1- मामौर निवासी महताब भाटी ने बताया कि तटबंध बुरी तरह टूटा हुआ है। बाढ़ से पहले तटबंध की मरम्मत करानी चाहिए।
2- मामौर निवासी नौशाद ने बताया कि बरसात शुरू हो गई। लेकिन प्रशासन ने तटबंध की अभी तक मरम्मत नहीं कराई।
3- मवी निवासी मेहरबान ने बताया कि तटबंध की सड़क में गहरे गहरे गड्ढों के कारण वाहन चलाना भी दुश्वार हो रहा है। प्रशासन को बरसात से पहले बंधे की मरम्मत करानी चाहिए।
4- मवी निवासी रहीश ने बताया कि 2013 में बंधा टूटने से उनके गांव में बाढ़ का पानी भर गया था। तटबंध की मरम्मत पहले ही करा लेनी चाहिए थी।
5- रामडा निवासी आजम ने बताया कि तटबंध पर जगह जगह गहरे गड्ढे बने हैं। साथ ही दरारें भी आ गईं हैं। बाढ़ में तटबंध मजबूत होना जरूरी है। ताकि तटवर्ती गांवों की हिफाजत हो सके।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। बरसात शुरू हो गई है लेकिन यमुना का तटबंध जगह जगह से क्षतिग्रस्त है। तटबंध की सड़क में भी बड़े बड़े गड्ढे बने हैं। बरसात में तटबंध को और अधिक क्षति पहुंच सकती है। लेकिन ड्रेनेज विभाग ने अभी तक तटबंध की मरम्मत नहीं कराई है।
यमुना नदी के यूपी की तरफ बाढ़ से बचाव के लिए कई दशक पहले तटबंध बनाया गया था। तटबंध के ऊपर सड़क भी बनी है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। इसी तटबंध की सड़क से रेत खनन के वाहन भी गुजरते हैं। रेत के भारी वाहनों व रखरखाव के अभाव में तटबंध में जगह जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा तटबंध में जगह जगह दरार भी देखी जा सकती है। आने वाली बरसात में यमुना का जलस्तर भी बढ़ जाएगा। जिस कारण तटबंध को और अधिक नुकसान हो सकता है। तटवर्ती ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द तटबंध की मरम्मत कराए ताकि उनके गांव सुरक्षित हो।
विज्ञापन
कोट
बुधवार को भी डीएम ने ड्रनेज विभाग को तटबंध की मरम्मत कराने के लिए निर्देशित किया है। ड्रनेज विभाग ने तटबंध के क्षतिग्रस्त वाले स्थानों को चिन्हित कर लिया है। शुक्रवार को रेत खनन तीन माह के लिए बंद हो जाएगा। रेत के वाहन बंद होने के तुरन्त बाद मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जायेगा। -एसडीएम निकिता शर्मा, कैराना
विज्ञापन
- 2013 की बाढ़ में बह गया था यमुना के पुल का हिस्सा
जून 2013 में यमुना में इतनी भयंकर बाढ़ आई थी कि यमुना के पुल का हरियाणा की ओर का हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया था। जिस कारण करीब 25 दिन तक पानीपत वाहनों का आना जाना बंद हो गया था। 2013 में ही मवी के पास बाढ़ से तटबंध पानी में बह गया था जिस कारण मवी, सहपत व मामौर में बाढ़ ने तबाही मचाई थी। तटबंध से यमुना खादर के गांव को बाढ़ से सुरक्षा मिलती है।
ग्रामीणों का यह कहना-
1- मामौर निवासी महताब भाटी ने बताया कि तटबंध बुरी तरह टूटा हुआ है। बाढ़ से पहले तटबंध की मरम्मत करानी चाहिए।
2- मामौर निवासी नौशाद ने बताया कि बरसात शुरू हो गई। लेकिन प्रशासन ने तटबंध की अभी तक मरम्मत नहीं कराई।
3- मवी निवासी मेहरबान ने बताया कि तटबंध की सड़क में गहरे गहरे गड्ढों के कारण वाहन चलाना भी दुश्वार हो रहा है। प्रशासन को बरसात से पहले बंधे की मरम्मत करानी चाहिए।
4- मवी निवासी रहीश ने बताया कि 2013 में बंधा टूटने से उनके गांव में बाढ़ का पानी भर गया था। तटबंध की मरम्मत पहले ही करा लेनी चाहिए थी।
5- रामडा निवासी आजम ने बताया कि तटबंध पर जगह जगह गहरे गड्ढे बने हैं। साथ ही दरारें भी आ गईं हैं। बाढ़ में तटबंध मजबूत होना जरूरी है। ताकि तटवर्ती गांवों की हिफाजत हो सके।