{"_id":"630bb0b382d829393843f2d4","slug":"raid-on-complaint-of-slaughter-of-protected-cattle-case-pressed-shamli-news-mrt6027499135","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोकशी की शिकायत पर छापा, मामला दबाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोकशी की शिकायत पर छापा, मामला दबाया
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर आनन-फानन में मांस को अंधेरे में ही दफना दिया
स्थानीय लोगों ने मामले की पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। पुलिस ने नीलगरान चौक क्षेत्र से शनिवार अल सुबह भारी मात्रा में संरक्षित मवेशी का मांस बरामद किया। वहीं, आरोपियों से साठगांठ कर मांस को अंधेरे में ही दफनाकर मामला दबा दिया। वहीं, एसपी ने सीओ थानाभवन श्रेष्ठा ठाकुर ने प्रकरण की जांच सौंप दी है।
पुलिस को मोहल्ला कोटला में संरक्षित मवेशी के वध की जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी की मोहल्ला नीलगरान स्थित दुकान से भारी मात्रा में मांस बरामद किया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपियों से साठगांठ होने के बाद नगर पंचायत सफाई कर्मचारी की मदद से मांस को कृष्णा नदी तट पर गड्ढे में दबवा दिया। वहीं, पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से कतरा रही है। वहीं, चौकी प्रभारी विजय त्यागी के मुताबिक पुलिस ने जानकारी के आधार पर छापामारा थी। आरोपी मौके से फरार हो गए थे सिर्फ मांस बरामद हुआ था। वह किसी और पशु का प्रतीत हो रहा था। इसलिए उसे दफना दिया गया।
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
पुलिस ने अल सुबह करीब तीन बजे मांस बरामद किया और साढ़े चार बजे गुपचुप तरीके से दफना दिया। बिना चिकित्सीय परीक्षण के मांस किसी और पशु का होने की पुष्टि कैसे की गई। अब सवाल ये भी है कि जब मांस बरामद हुआ तो आरोपी लाइसेंस के बारे में जानकारी दे। इतना ही नहीं पुलिस ने रिपोर्ट भी नहीं लिखी है।
विज्ञापन
मांस ले जाने का सीसीटीवी फुटेज
इस घटनाक्रम को लेकर एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें एक रेहडे में मांस ले जाया जा रहा है। एक युवक रेहड़ी में मांस लेकर आगे चल रहा है। उसके पीछे पुलिस की जीप चल रही है।
एसपी के निर्देश पर जांच शुरू
पुलिस क्षेत्राधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वे सबसे पहले नीलगरान चौक पर पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने घटना से जुड़े सीसीटीवी की जांच की। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोट
मामला संज्ञान में आया है प्रथमदृष्टया रेहड़ी देखकर स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि इसमें मीट किसी मवेशी का है। इसलिए सीओ थानाभवन को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-अखिलेश झा, एसपी
विज्ञापन
स्थानीय लोगों ने मामले की पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। पुलिस ने नीलगरान चौक क्षेत्र से शनिवार अल सुबह भारी मात्रा में संरक्षित मवेशी का मांस बरामद किया। वहीं, आरोपियों से साठगांठ कर मांस को अंधेरे में ही दफनाकर मामला दबा दिया। वहीं, एसपी ने सीओ थानाभवन श्रेष्ठा ठाकुर ने प्रकरण की जांच सौंप दी है।
पुलिस को मोहल्ला कोटला में संरक्षित मवेशी के वध की जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी की मोहल्ला नीलगरान स्थित दुकान से भारी मात्रा में मांस बरामद किया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपियों से साठगांठ होने के बाद नगर पंचायत सफाई कर्मचारी की मदद से मांस को कृष्णा नदी तट पर गड्ढे में दबवा दिया। वहीं, पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से कतरा रही है। वहीं, चौकी प्रभारी विजय त्यागी के मुताबिक पुलिस ने जानकारी के आधार पर छापामारा थी। आरोपी मौके से फरार हो गए थे सिर्फ मांस बरामद हुआ था। वह किसी और पशु का प्रतीत हो रहा था। इसलिए उसे दफना दिया गया।
विज्ञापन
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
पुलिस ने अल सुबह करीब तीन बजे मांस बरामद किया और साढ़े चार बजे गुपचुप तरीके से दफना दिया। बिना चिकित्सीय परीक्षण के मांस किसी और पशु का होने की पुष्टि कैसे की गई। अब सवाल ये भी है कि जब मांस बरामद हुआ तो आरोपी लाइसेंस के बारे में जानकारी दे। इतना ही नहीं पुलिस ने रिपोर्ट भी नहीं लिखी है।
विज्ञापन
मांस ले जाने का सीसीटीवी फुटेज
इस घटनाक्रम को लेकर एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इसमें एक रेहडे में मांस ले जाया जा रहा है। एक युवक रेहड़ी में मांस लेकर आगे चल रहा है। उसके पीछे पुलिस की जीप चल रही है।
एसपी के निर्देश पर जांच शुरू
पुलिस क्षेत्राधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वे सबसे पहले नीलगरान चौक पर पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने घटना से जुड़े सीसीटीवी की जांच की। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोट
मामला संज्ञान में आया है प्रथमदृष्टया रेहड़ी देखकर स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि इसमें मीट किसी मवेशी का है। इसलिए सीओ थानाभवन को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-अखिलेश झा, एसपी