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Shamli News: गर्मी में भी मूली का उत्पादन, 40 से 45 दिन में होगी तैयार

Sun, 10 May 2026 01:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 10 May 2026 01:29 AM IST
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Radish production even in summer, will be ready in 40 to 45 days
शामली। गर्मी के मौसम में भी किसान मूली की पूसा चेतकी देशी किस्म उगाकर बेहतर आमदनी कर सकते हैं। जहां सामान्य तौर पर मूली की खेती सर्दी के मौसम में की जाती है, वहीं अब तापमान सहनशील किस्मों के चलते गर्मी में भी इसकी खेती संभव हो गई है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी किसानों को इसके प्रति जागरूक करते हुए उन्नत तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। यह किस्म महज 40 से 45 दिन में तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छी आय मिल सकती है।
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कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि पूसा चेतकी एक ऐसी देशी किस्म है, जो अधिक तापमान में भी अच्छी पैदावार देती है। गर्मी के मौसम में इसकी मांग भी बनी रहती है, जिससे किसानों को बाजार में अच्छे दाम मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस किस्म से प्रति एकड़ करीब 50 से 60 क्विंटल तक उत्पादन लिया जा सकता है। एक एकड़ में 3 से 4 किलोग्राम बीज पर्याप्त होता है। फसल को खरपतवार से बचाने के लिए 2 से 3 बार निराई-गुड़ाई करना जरूरी है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
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उन्होंने बताया कि सही समय पर बुवाई और सिंचाई का विशेष ध्यान रखने से फसल अच्छी होती है। गर्मी के मौसम में नमी बनाए रखना जरूरी होता है, इसलिए 7 से 8 दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए। फसल अवधि में लगभग 5 से 7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है।

मार्च से जुलाई तक कर सकते हैं बुवाई



डॉ. संदीप चौधरी के अनुसार पूसा चेतकी किस्म की बुवाई मार्च से जुलाई तक की जा सकती है। लगातार उत्पादन लेने के लिए किसान 15 से 20 दिन के अंतराल पर बुवाई करते रहें, जिससे अगस्त तक फसल मिलती रहे और बाजार में निरंतर आपूर्ति बनी रहे।



उन्होंने बताया कि बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह तैयारी करना जरूरी है। खेत को समतल करने के साथ 3 से 4 बार गहरी जुताई करें और प्रत्येक जुताई के बाद पाटा लगाएं। गोबर की सड़ी हुई खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलाने से जमीन की उर्वरता बढ़ती है और फसल की पैदावार में भी सुधार होता है।


कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के बीच किसान अगर उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक तरीके से खेती करें तो कम समय में अधिक लाभ कमा सकते हैं। पूसा चेतकी मूली की खेती ऐसे ही विकल्पों में से एक बनकर उभर रही है।
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