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आत्मा को शुद्ध करता है उत्तम सत्य धर्म
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जलालाबाद के दिगंबर जैन मंदिर में पूजन करते जैन समाज के लोग।
- फोटो : SHAMLI
- जैन मंदिरों और जिनालयों में की गई पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो...
शामली/जलालाबाद/गढ़ीपुख्ता। दशलक्षण पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म का महत्व बताया गया। जैन मंदिरों एवं जिनालयों तथा ऑनलाइन प्रवचन में बताया गया कि उत्तम सत्य धर्म जीव को यह सिखाता है कि अगर मानव अपनी आत्मा को शुद्ध बना ले तो परम आनंद मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को शहर के जैन मोहल्ला, धर्मपुरा, रेलवे रोड पर स्थित जैन मंदिरों में सीमित संख्या में सकल जैन समाज के श्रद्धालु श्रीजी की विशेष पूजा अर्चना करने पहुंचे। जैन पंडितों की ओर से श्रद्धालुओं को पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म का महत्व बताया गया। जलालाबाद कस्बे के दिगंबर जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ की पूजा-अर्चना कर शांति धारा का पाठ किया गया। पंडित सनन्त कुमार जैन ने विधिपूर्वक कार्यक्रम संपूर्ण कराया। कहा कि उत्तम सत्य धर्म हमें यह सिखाता है कि आत्मा की प्रकृति जानने के लिए सत्य आवश्यक है इसके आधार पर ही परम आनंद मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। इस मौके पर सुशील जैन, राहुल जैन, सचिन जैन, आदि रहे।
गढ़ीपुख्ता कस्बे के श्री दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र में दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म की महत्ता बताई गई। मंदिर में 13 दीप विधान में अचल मेरु की पूजा की गई। सर्वप्रथम विधि विधान से प्रतिमाओं का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। पूरे विधि विधान से पूजन किया गया। दशलक्षण धर्म का पांचवां दिन उत्तम सत्य धर्म का होता है। शुक्रवार को धूप दशमी मनाई जाएगी। मौके पर अधिशासी अभियंता आरके जैन, नीरज जैन, सुदेश जैन, संजीव जैन, ऋषभ जैन, विपुल, निर्मित, ममता जैन, शिखा जैन, संगीता जैन, स्मिता जैन, अजय जैन, दीपक आदि मौजूद रहे।
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शामली/जलालाबाद/गढ़ीपुख्ता। दशलक्षण पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म का महत्व बताया गया। जैन मंदिरों एवं जिनालयों तथा ऑनलाइन प्रवचन में बताया गया कि उत्तम सत्य धर्म जीव को यह सिखाता है कि अगर मानव अपनी आत्मा को शुद्ध बना ले तो परम आनंद मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को शहर के जैन मोहल्ला, धर्मपुरा, रेलवे रोड पर स्थित जैन मंदिरों में सीमित संख्या में सकल जैन समाज के श्रद्धालु श्रीजी की विशेष पूजा अर्चना करने पहुंचे। जैन पंडितों की ओर से श्रद्धालुओं को पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म का महत्व बताया गया। जलालाबाद कस्बे के दिगंबर जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ की पूजा-अर्चना कर शांति धारा का पाठ किया गया। पंडित सनन्त कुमार जैन ने विधिपूर्वक कार्यक्रम संपूर्ण कराया। कहा कि उत्तम सत्य धर्म हमें यह सिखाता है कि आत्मा की प्रकृति जानने के लिए सत्य आवश्यक है इसके आधार पर ही परम आनंद मोक्ष प्राप्त किया जा सकता है। इस मौके पर सुशील जैन, राहुल जैन, सचिन जैन, आदि रहे।
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गढ़ीपुख्ता कस्बे के श्री दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र में दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म की महत्ता बताई गई। मंदिर में 13 दीप विधान में अचल मेरु की पूजा की गई। सर्वप्रथम विधि विधान से प्रतिमाओं का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। पूरे विधि विधान से पूजन किया गया। दशलक्षण धर्म का पांचवां दिन उत्तम सत्य धर्म का होता है। शुक्रवार को धूप दशमी मनाई जाएगी। मौके पर अधिशासी अभियंता आरके जैन, नीरज जैन, सुदेश जैन, संजीव जैन, ऋषभ जैन, विपुल, निर्मित, ममता जैन, शिखा जैन, संगीता जैन, स्मिता जैन, अजय जैन, दीपक आदि मौजूद रहे।
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