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जिले में सूने पड़े खरीद केंद्र, गेहूं बेचने नहीं आ रहे किसान

Sat, 23 Apr 2022 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 12:06 AM IST
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Purchase centers lying in the district, farmers are not coming to sell wheat
शामली। जिले के 30 खरीद केंद्र किसानों के न आने से सूने पड़े हैं। तीन लाख क्विंटल का लक्ष्य है और अभी तक सिर्फ 209 किसानों से 6684 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। गेहूं खरीद में पीसीएफ और पीसीयू सबसे आगे है। जबकि एफसीआई पिछड़ गई है।
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अभी तक पीसीएफ 2224.50 क्विंटल, पीसीयू 2178.50 क्विंटल, खाद्य विभाग 2172 क्विंटल, एफसीआई 109 क्विंटल गेहूं खरीद की है। शामली-मुजफ्फरनगर जिले के डिप्टी आरएमओ कमलेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को जिले के सिक्का, महावतपुर, थानाभवन मंडी, अंबेहटा याकूबपुर, समेत खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। से सभी खरीद केंद्र सूने पड़े थे। उन्होंने बताया कि किसानों से घर बैठे व्यापारी 2150 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रहे हैं, तो वह खरीद केंद्रों पर 2015 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं लेकर बेचने क्यों आएंगे। छोटे व्यापारी गांवों में जाकर किसानों से अच्छे दाम से गेहूं खरीद रहे हैं। खरीद केंद्रों पर कम गेहूं आने से इस बार लक्ष्य पूरा होना कठिन लग रहा है।
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कोराना काल में बाजार कम, सरकार का रेट ज्यादा
पिछले दो साल में कोरोना काल के दौरान बाजार भाव कम रहा है। गेहूं का सरकारी रेट ज्यादा रहा है। इस बार बाजार भाव ज्यादा है, सरकारी रेट कम है। इसीलिए खरीद केंद्रों पर किसान कम संख्या में आ रहा है। बाजार भाव 2150- 2200 रुपये क्विंटल और सरकारी भाव 2015 रुपये प्रति क्विंटल है।
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