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बेमौसम बारिश से आमजन परेशान, किसानों को भारी नुकसान

Tue, 19 Oct 2021 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 12:18 AM IST
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Public upset, huge loss to farmers
गढीपुख्ता क्षेत्र के गांव दुल्लाखेडी में बरसात से गिरी धान की फसल - फोटो : SHAMLI
आमजन परेशान, किसानों को भारी नुकसान
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शामली। दो दिन से रुक रुककर हो रही बारिश से आमजन परेशान हो गया। बारिश के चलते जरूरी कार्य भी प्रभावित हुए। जबकि बेमौसम बारिश के चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। आलू और सरसों की फसल को भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जबकि गन्ना समेत अन्य फसलों की बुवाई भी अब देरी से होगी। जिससे किसान चिंतित हैं।
रविवार सुबह चार बजे शुरू हुई बारिश पूरी रात होती रही। सोमवार सुबह थोड़ी देर के लिए बारिश रुकी। इसके बाद में पूरे दिन जारी री। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। दिन का तापमान चार और रात का दो डिग्री लुढ़क गया। 14 किमी की रफ्तार से हवा चलने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई।
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बारिश से शहर के गोशाला रोड, माजरा रोड, कबाड़ी बाजार, नगर पालिका रोड, मिल रोड, विजय चौक, मोहल्ला बरखंड़ी, ब्लाक रोड, टंकी रोड समेत कई मोहल्ला और खेतों में जलभराव हो गया है। पूर्वी यमुना नहर खंड के उप राजस्व अधिकारी अंबुज कुमार चौधरी के मुताबिक पिछले 32 घंटे में 63 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। पिछले तीन सालों में इस माह यह सबसे ज्यादा है। उनका कहना है कि रविवार सुबह आठ बजे से लेकर सोमवार की आठ बजे तक 53 एमएम बारिश और आठ बजे के बाद दस एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। उधर, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि अगले 24 घंटे में शामली समेत कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है।
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10 से लेकर 15 प्रतिशत धान की फसल को नुकसान
दो दिन की बारिश से से गन्ने की शरद कालीन बुआई प्रभावित हुई है। धान की फसल नुकसान पहुंचा है। इस बार मानसून देरी से खत्म होने से शरद कालीन गन्ने की बुआई प्रभावित हुई है। कृषि विभाग के अनुसार बारिश से धान की फसल गिर जाने से 10-15 प्रतिशत नुकसान होने की संभावना है। ज्यादा बारिश से उदड़ की फसल को नुकसान है।
बरसात से भरभराकर गिरी मकान की छत
कांधला। रविवार रात गांव भभीसा निवासी रईस अपने परिवार के साथ मकान में सो रहा था। रात के समय अचानक तेज बरसात के चलते मकान की कच्ची छत से पानी टपकना शुरू हो गया। ग्रामीण के मुताबिक बरसात बढ़ते ही छत का कुछ हिस्सा टूटकर गिर गया था। जिसके चलते परिवार के लोग मकान से बाहर निकल गए। उसके कुछ ही क्षणों के बाद छत भरभराकर गिर गई। जिसमें ग्रामीण का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया। ग्रामीण के मकान की छत गिरने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और शासन से पीड़ित को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
कटी हुई धान की फसल भीगी, दाना काला पड़ने की संभावना
कैराना। क्षेत्र में रुक रुककर बारिश के कारण अलीपुर रोड, बाईपास, तितरवाड़ा रोड, रामड़ा रोड सहित ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में किसानों की तैयार खड़ी धान की फसल लोटपोट हो गई।
मोहल्ला आलकला निवासी किसान सुरेश ने बताया कि बारिश से धान की फसलों में पानी भर गया। जिस कारण तैयार धान की फसल अधिक वजन होने के कारण जमीन पर नीचे गिर गई। कई जगहों पर खेतों पर कटी हुई धान की फसल भी बारिश के कारण भीग गई। जिससे धान का दाना काला पड़ने की संभावना है। वहीं बारिश से धान की फसलों की कटाई में समय लगेगा। सभी किसानों ने शासन प्रशासन से उनकी फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की हैं। तहसीलदार प्रियंका जायसवाल ने बताया कि तहसील के सभी लेखपालों को निर्देशित किया कि सभी लेखपाल अपने अपने क्षेत्र में बारिश के कारण बर्बाद हुई किसानों के धान की फसलों की सूचना तहसील पर दर्ज कराएं।
उधर, कस्बा गढ़ीपुख्ता और भाट्टू, राझड़, गढ़ीअब्दुल्ला खां, मानकपुर, दुल्लाखेडी, मालैंडी, ताना, भैंसवाल आदि गांव में किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कस्बे के किसान विजय गिरी, भाट्टू से धर्मवीर, नौशाद, वसी आदि का कहना है कि मौसम इसी तरह अपना करवट बदलता रहा तो निश्चित रूप से किसानों को धान के उत्पादन प्रभावित होने से ज्यादा फायदा मिलने वाला नहीं है।

बारिश से किसानों की फसल हुई जलमग्न
बाबरी/थानाभवन। बेमौसम की बरसात से किसानों की फसलों में काफी नुकसान हुआ है। किसान अमित कुमार ने बताया कि करीब 15 बीघा धान कटाई के लिए तैयार था, लेकिन रविवार से जारी बारिश के कारण धान गिर गया है। कैड़ी निवासी नीना फसल देखकर मायूस बैठा हुआ रो रहा था। उसने बताया कि पांच बीघा में करीब कर्ज लेकर आठ हजार रुपये की लागत से फसल तैयार की थी, लेकिन फसल पककर तैयार होने वाली थी। बारिश के चलते गिरने के बाद फसल को भारी नुकसान हुआ है। महावतपुर में भी किसानों को धान की फसल गिरने के कारण भारी नुकसान हुआ है। उधर, थानाभवन में बारिश के लगातार होने से सरसों की फसल की बुआई काफी लेट हो रही है। साथ ही एक दो दिन पहले जो बुआई की गई थी वह फसल खराब होनी शुरू हो गई है। किसान आर्येश कुमार ने बताया कि इस बारिश से मौसम में काफी ठंडक आ गई है। साथ ही फसलों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। यदि जल्द मौसम ठीक नहीं हुआ तो इसका किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।

शामली कैराना रोड पर टूटी सड़क में भरा पानी

शामली कैराना रोड पर टूटी सड़क में भरा पानी- फोटो : SHAMLI

शामली क्षेत्र के गांव भैसवाल में बरसात से धान की फसल में भरा पानी

शामली क्षेत्र के गांव भैसवाल में बरसात से धान की फसल में भरा पानी- फोटो : SHAMLI

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