{"_id":"5f3c22728ebc3e3cc05a33ed","slug":"property-damage-claims-tribunal-constituted-commendable-step-shamli-news-mrt4968260142","type":"story","status":"publish","title_hn":"संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन सराहनीय कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन सराहनीय कदम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन सराहनीय कदम
शामली। प्रदेश सरकार ने राजनीतिक जुलूूूसों, विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान की भरपाई के लिए मेरठ और लखनऊ में संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन किया है। इस बारे में अधिवक्ताओं और नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है। सरकार का यह कदम सराहनीय है। बशर्ते की इसका दुरुपयोग न हो और जो भी दोषी हो, उसे उसके किए की सजा मिले।
अधिवक्ता इशरत जहां ने कहा कि सरकार का यह फैसला सही है। किसी भी तरह का झगड़ा हो, उसमें कुछ असामाजिक तत्व सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। जिन लोगों का नुकसान होता है, उनका उस झगड़े से कोई संबंध नहीं होता। संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन होने से नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से भरपाई होगी तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी। अधिवक्ता अमरदीप आर्य का कहना है कि संपत्ति दावा अधिकरण का गठन होने से सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों में डर बनेगा। जो दोषी होगा, उससे नुकसान की भरपाई होगी। सरकार का यह अच्छा कदम है। अधिवक्ता ठाकुर रामपाल सिंह का कहना है कि इस अधिकरण का गठन से वह सहमत नहीं है। इसका कुछ लोग दुरुपयोग कर ऐसे लोगों को फंसा सकते हैं, जो बेगुनाह होंगे। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की पहले निष्पक्ष रूप से किसी एजेंसी से जांच करानी चाहिए, उसके बाद जो दोषी हो, उससे भरपाई की जानी चाहिए। उद्यमी अशोक बंसल का कहना है कि संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन सरकार का सराहनीय कदम है। दंगे, झगड़े की आड़ में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले अवांछनीय तत्वों के अंदर डर पैदा होगा। उनसे नुकसान की भरपाई की जाएगी तो इस तरह की घटनाओं पर रोक भी लगेगी। साथ ही मेरठ नजदीक होने के कारण पीड़ित लोगों को दावा करने में भी आसानी होगी। प्रधानाचार्य विनीत चौहान का कहना है कि सरकार का यह कदम अच्छा है, बशर्ते की इसका कोई दुरुपयोग न हो। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का किसी को अधिकार नहीं है। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर रोक लगेगी। इस तरह की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जो दोषी हो, उससे नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
शामली। प्रदेश सरकार ने राजनीतिक जुलूूूसों, विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान की भरपाई के लिए मेरठ और लखनऊ में संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन किया है। इस बारे में अधिवक्ताओं और नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है। सरकार का यह कदम सराहनीय है। बशर्ते की इसका दुरुपयोग न हो और जो भी दोषी हो, उसे उसके किए की सजा मिले।
अधिवक्ता इशरत जहां ने कहा कि सरकार का यह फैसला सही है। किसी भी तरह का झगड़ा हो, उसमें कुछ असामाजिक तत्व सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। जिन लोगों का नुकसान होता है, उनका उस झगड़े से कोई संबंध नहीं होता। संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन होने से नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से भरपाई होगी तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी। अधिवक्ता अमरदीप आर्य का कहना है कि संपत्ति दावा अधिकरण का गठन होने से सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों में डर बनेगा। जो दोषी होगा, उससे नुकसान की भरपाई होगी। सरकार का यह अच्छा कदम है। अधिवक्ता ठाकुर रामपाल सिंह का कहना है कि इस अधिकरण का गठन से वह सहमत नहीं है। इसका कुछ लोग दुरुपयोग कर ऐसे लोगों को फंसा सकते हैं, जो बेगुनाह होंगे। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की पहले निष्पक्ष रूप से किसी एजेंसी से जांच करानी चाहिए, उसके बाद जो दोषी हो, उससे भरपाई की जानी चाहिए। उद्यमी अशोक बंसल का कहना है कि संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन सरकार का सराहनीय कदम है। दंगे, झगड़े की आड़ में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले अवांछनीय तत्वों के अंदर डर पैदा होगा। उनसे नुकसान की भरपाई की जाएगी तो इस तरह की घटनाओं पर रोक भी लगेगी। साथ ही मेरठ नजदीक होने के कारण पीड़ित लोगों को दावा करने में भी आसानी होगी। प्रधानाचार्य विनीत चौहान का कहना है कि सरकार का यह कदम अच्छा है, बशर्ते की इसका कोई दुरुपयोग न हो। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का किसी को अधिकार नहीं है। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर रोक लगेगी। इस तरह की घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जो दोषी हो, उससे नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन