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बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई का स्तंभ बनेंगे प्रेरणा सारथी
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शामली। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब परिवार के बच्चों के पास स्मार्ट फोन न होने से ऑनलाइन शिक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरणा सारथी बनाए जा रहे हैं। जिले में 5690 प्रेरणा सारथी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक लगभग तीन हजार प्रेरणा सारथी बनाए जा चुके हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अधिकतर बच्चे गरीब परिवार से होने के कारण स्मार्ट फोन की सुविधा नहीं होती। अगर किसी घर में एक फोन है तो वह अधिकांश समय अभिभावक के पास रहता है। ऐसी स्थिति में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रहते हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से बच्चों को विद्यालय में आने पर पाबंदी चल रही है। ऐसी स्थिति में बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण कार्य से जोड़ने की नई कवायद शुरू की गई है। शासन ने प्रेरणा सारथी का चयन कर उन्हें विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ने का निर्णय लिया है।
प्रेरणा सारथी अपने आसपास या मोहल्ले में पढ़ने वाले बच्चों का शिक्षण कार्य में सहयोग करेंगे। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका प्रेरणा सारथी के स्मार्ट फोन पर बच्चों के लिए शिक्षण संबंधी कार्य भेजेंगे। प्रेरणा सारथी उसे बच्चों तक पहुंचाएंगे। जिले में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक 596 विद्यालय है। जिले में 5690 प्रेरणा सारथी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक विद्यालय में कम से कम 10 प्रेरणा सारथी बनाए जाने के निर्देश हैं। पिछले महीने 15 जून से प्रेरणा सारथी चिह्नित करने का काम शुरू किया गया था।
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इन्हें बनाया जा रहा प्रेरणा सारथी
शिक्षा और शिक्षण कार्य में रुचि रखने वाले लोगों को प्रेरणा सारथी बनाया जा रहा है। इसमें सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व सैनिक, डिग्री धारक प्रशिक्षु या अन्य जो स्वेच्छा से बच्चों को शिक्षा में सहयोग करने वाले हैं, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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कोट
विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है, उनको ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ने के लिए प्रेरणा सारथी बनाए जा रहे हैं। अभी तक जिले में करीब तीन हजार प्रेरणा सारथी बन चुके हैं। उम्मीद है इसी महीने प्रेरणा सारथी बनाने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। - अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता (बेसिक)।
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बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अधिकतर बच्चे गरीब परिवार से होने के कारण स्मार्ट फोन की सुविधा नहीं होती। अगर किसी घर में एक फोन है तो वह अधिकांश समय अभिभावक के पास रहता है। ऐसी स्थिति में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रहते हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से बच्चों को विद्यालय में आने पर पाबंदी चल रही है। ऐसी स्थिति में बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण कार्य से जोड़ने की नई कवायद शुरू की गई है। शासन ने प्रेरणा सारथी का चयन कर उन्हें विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ने का निर्णय लिया है।
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प्रेरणा सारथी अपने आसपास या मोहल्ले में पढ़ने वाले बच्चों का शिक्षण कार्य में सहयोग करेंगे। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिका प्रेरणा सारथी के स्मार्ट फोन पर बच्चों के लिए शिक्षण संबंधी कार्य भेजेंगे। प्रेरणा सारथी उसे बच्चों तक पहुंचाएंगे। जिले में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक 596 विद्यालय है। जिले में 5690 प्रेरणा सारथी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक विद्यालय में कम से कम 10 प्रेरणा सारथी बनाए जाने के निर्देश हैं। पिछले महीने 15 जून से प्रेरणा सारथी चिह्नित करने का काम शुरू किया गया था।
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इन्हें बनाया जा रहा प्रेरणा सारथी
शिक्षा और शिक्षण कार्य में रुचि रखने वाले लोगों को प्रेरणा सारथी बनाया जा रहा है। इसमें सेवानिवृत्त शिक्षक, पूर्व सैनिक, डिग्री धारक प्रशिक्षु या अन्य जो स्वेच्छा से बच्चों को शिक्षा में सहयोग करने वाले हैं, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
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कोट
विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है, उनको ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ने के लिए प्रेरणा सारथी बनाए जा रहे हैं। अभी तक जिले में करीब तीन हजार प्रेरणा सारथी बन चुके हैं। उम्मीद है इसी महीने प्रेरणा सारथी बनाने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। - अमित कुमार, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता (बेसिक)।