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रिहायशी इलाकों में चल रही फैक्टरियों से फैल रहा प्रदूषण, अधिकारी अनजान
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रिहायशी इलाकों में चल रही फैक्टरियों से फैल रहा प्रदूषण
शामली। रिहायशी इलाकों में चल रही फैक्टरियों के प्रदूषण से आसपास रहने वाले लोग परेशान रहते है। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हैं। अब शासन ने आबादी के बीच चल रही फैक्टरियों से पड़ रहे प्रतिकूल असर को देखते हुए जानकारी मांगी है।
जनपद में रिहायशी इलाकों में फैक्टरियां चल रही है। बस्तियों के बीच चल रही फैक्टरियों से जहां प्रदूूषण से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, वहीं दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। शामली में कैैराना रोड पर इंडस्ट्रियल एरिया है, फिर भी अन्य स्थानों पर फैक्टरियां चल रही हैं। दिल्ली रोड पर स्टील और एल्युमीनियम के बर्तन, कुकर बनाने और कृषि यंत्र बनाने की करीब 26 फैक्टरी हैं। इन फैक्टरियों के एक तरफ खेड़ीकरमू गांव है तो दूसरी तरफ सलेक विहार है। पास की कालोनियों में रहने वालों का कहना है कि फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं और आवाज से परेशानी होती है। इससे आंखों में जलन, सांस लेने की समस्या रहती है। रामसागर मोहल्ले में भी आबादी के बीच गैस चूल्हे और गत्ते के डिब्बे बनाने की फैक्टरी चल रही है।
गांव खेड़ीकरमू निवासी रिटायर्ड शिक्षक महावीर सिंह का कहना है कि दिल्ली रोड पर स्थित फैक्टरियों से धुआं निकलने से प्रदूषण फैल रहा है, जिसे लेकर परेशानी बनी रहती है। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत रहती है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
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आटा चक्की संचालक राजकुमार ने बताया कि दिल्ली रोड पर बर्तन, कुकर और रिम धुरे बनाने की कई फैक्टरी हैं। इन फैक्टरियों से प्रदूषण फैल रहा है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
जनरल स्टोर संचालक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वह हार्ट का मरीज है, उसके दिल का ऑपरेशन हो चुका है। गांव से सटी हुई फैक्टरियों से दिनभर धुआं निकलता है और आवाज आती रहती है, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
कोट
दिल्ली रोड पर करीब 26 फैक्टरियां है। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी फैक्टरियों में मानक के अनुसार प्रदूषण रोकने और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। आसपास के लोगों को इन फैक्टरियों से कोई परेशानी नहीं है। यहां से अधिकतर फैक्टरियां कैराना रोड स्थित इंडस्ट्रीज एरिया में शिफ्ट होने की तैयारी में लगी है। - अंकित गोयल, अध्यक्ष शामली इंडस्ट्रीज स्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन।
सभी फैक्टरियों में आग से बचाव संबंधी उपकरण लगाए गए है, जिनकी समय-समय पर जांच की जाती है। जांच में मानक पूरे मिलने पर ही विभाग की तरफ से एनओसी जारी की जाती है। -अजीज खान, फायर स्टेशन प्रभारी शामली।
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शामली। रिहायशी इलाकों में चल रही फैक्टरियों के प्रदूषण से आसपास रहने वाले लोग परेशान रहते है। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हैं। अब शासन ने आबादी के बीच चल रही फैक्टरियों से पड़ रहे प्रतिकूल असर को देखते हुए जानकारी मांगी है।
जनपद में रिहायशी इलाकों में फैक्टरियां चल रही है। बस्तियों के बीच चल रही फैक्टरियों से जहां प्रदूूषण से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, वहीं दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। शामली में कैैराना रोड पर इंडस्ट्रियल एरिया है, फिर भी अन्य स्थानों पर फैक्टरियां चल रही हैं। दिल्ली रोड पर स्टील और एल्युमीनियम के बर्तन, कुकर बनाने और कृषि यंत्र बनाने की करीब 26 फैक्टरी हैं। इन फैक्टरियों के एक तरफ खेड़ीकरमू गांव है तो दूसरी तरफ सलेक विहार है। पास की कालोनियों में रहने वालों का कहना है कि फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं और आवाज से परेशानी होती है। इससे आंखों में जलन, सांस लेने की समस्या रहती है। रामसागर मोहल्ले में भी आबादी के बीच गैस चूल्हे और गत्ते के डिब्बे बनाने की फैक्टरी चल रही है।
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गांव खेड़ीकरमू निवासी रिटायर्ड शिक्षक महावीर सिंह का कहना है कि दिल्ली रोड पर स्थित फैक्टरियों से धुआं निकलने से प्रदूषण फैल रहा है, जिसे लेकर परेशानी बनी रहती है। आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत रहती है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
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आटा चक्की संचालक राजकुमार ने बताया कि दिल्ली रोड पर बर्तन, कुकर और रिम धुरे बनाने की कई फैक्टरी हैं। इन फैक्टरियों से प्रदूषण फैल रहा है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
जनरल स्टोर संचालक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वह हार्ट का मरीज है, उसके दिल का ऑपरेशन हो चुका है। गांव से सटी हुई फैक्टरियों से दिनभर धुआं निकलता है और आवाज आती रहती है, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
कोट
दिल्ली रोड पर करीब 26 फैक्टरियां है। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी फैक्टरियों में मानक के अनुसार प्रदूषण रोकने और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। आसपास के लोगों को इन फैक्टरियों से कोई परेशानी नहीं है। यहां से अधिकतर फैक्टरियां कैराना रोड स्थित इंडस्ट्रीज एरिया में शिफ्ट होने की तैयारी में लगी है। - अंकित गोयल, अध्यक्ष शामली इंडस्ट्रीज स्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन।
सभी फैक्टरियों में आग से बचाव संबंधी उपकरण लगाए गए है, जिनकी समय-समय पर जांच की जाती है। जांच में मानक पूरे मिलने पर ही विभाग की तरफ से एनओसी जारी की जाती है। -अजीज खान, फायर स्टेशन प्रभारी शामली।