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Shamli News: राजनैतिक दलों की बसपा पर लगी नजर
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शामली। कैराना लोकसभा सीट पर बसपा अहम भूमिका निभाएगी। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की ओर से इकरा हसन को सपा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद बसपा प्रत्याशी की घोषणा पर राजनैतिक दलों की नजर लगी है, चूंकि लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा प्रत्याशी हार-जीत का गणित तय करेगा।
कैराना लोकसभा सीट में शामली जिले की कैराना, शामली, थानाभवन और सहारनपुर जिले की गंगोह- नकुड़ विधानसभा को शामिल किया गया है। कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा के प्रदीप चौधरी काबिज है। वह दूसरी बार कैराना लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी कर रहे है। रालोद के भाजपा गठबंधन के बाद सत्ता पक्ष कैराना लोकसभा सीट को जीती हुई मानकर चल रही है। इसलिए राज्यसभा के मतदान के बाद भाजपा पहले हारी हुई लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित करेगी। मार्च के प्रथम सप्ताह में वेस्ट यूपी की लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। सपा से रालोद गठबंधन टूट जाने के बाद सपा और कांग्रेस मिलकर लोकसभा 2024 का चुनाव लड़े़गी। सपा की ओर से कैराना लोकसभा सीट पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हसन परिवार की इकरा हसन को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद राजनैतिक दलाे की बसपा पर नजर गड़ी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सबसे पहले 1984 में लोकसभा चुनाव कैराना सीट से लड़ा था। गांव- गांव घूम घूमकर बसपा संगठन को मजबूत किया। अपने राजनैतिक करियर में बसपा मजबूत होकर उभरी। मायावती उत्तर प्रदेश की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी है। लोकसभा और विधानसभा में बसपा का जातीय चुनावी गणित हार जीत का निर्णय करता है। लोकसभा चुनाव 2024 बसपा ने अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वह किस जाति के प्रतिनिधि को प्रत्याशी बनाएगी, इसी पर सभी की निगाहे है। बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर बसपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी शमसुदीन राइन लोकसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं से मिलकर प्रत्याशियों की नब्ज टटोल रहे है। शमसुदीन राइन का कहना है कि जल्दी बसपा प्रत्याशियों की सूची जारी होगी। बसपा का अनुसूचित, अति पिछड़ा और मुस्लिम मतदाता अपना वोटर मानकर चल रही है। इस बार कैराना लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा प्रत्याशी हारजीत का गणित तय करेगा।
कैराना लोकसभा सीट के आंकड़े एक नजर में
कुल मतदाता 17 लाख 14 हजार 758
पुरुष मतदाता 9 लाख 17 हजार 958
महिला मतदाता 7 लाख 96 हजार 712
विधानसभा कैराना, थानाभवन- शामली, गंगोह और नुकड़
कैराना लोकसभा से सांसद बने
वर्ष 1980 गायत्री देवी, 1984 अख्तर हसन, 1989-1991 हरपाल पंवार, 1996 मुनव्वर हसन, 1998 वीरेंद्र वर्मा, 1999 में अमीर आलम खां, 2004 में अनुराधा चौधरी, 2009 तब्बसुम हसन, 2014 में हुकुम सिंह, 2018 उपचुनाव में तब्बसुम हसन, 2019 में प्रदीप चौधरी।
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कैराना लोकसभा सीट में शामली जिले की कैराना, शामली, थानाभवन और सहारनपुर जिले की गंगोह- नकुड़ विधानसभा को शामिल किया गया है। कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा के प्रदीप चौधरी काबिज है। वह दूसरी बार कैराना लोकसभा सीट पर अपनी दावेदारी कर रहे है। रालोद के भाजपा गठबंधन के बाद सत्ता पक्ष कैराना लोकसभा सीट को जीती हुई मानकर चल रही है। इसलिए राज्यसभा के मतदान के बाद भाजपा पहले हारी हुई लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित करेगी। मार्च के प्रथम सप्ताह में वेस्ट यूपी की लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। सपा से रालोद गठबंधन टूट जाने के बाद सपा और कांग्रेस मिलकर लोकसभा 2024 का चुनाव लड़े़गी। सपा की ओर से कैराना लोकसभा सीट पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हसन परिवार की इकरा हसन को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद राजनैतिक दलाे की बसपा पर नजर गड़ी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सबसे पहले 1984 में लोकसभा चुनाव कैराना सीट से लड़ा था। गांव- गांव घूम घूमकर बसपा संगठन को मजबूत किया। अपने राजनैतिक करियर में बसपा मजबूत होकर उभरी। मायावती उत्तर प्रदेश की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी है। लोकसभा और विधानसभा में बसपा का जातीय चुनावी गणित हार जीत का निर्णय करता है। लोकसभा चुनाव 2024 बसपा ने अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वह किस जाति के प्रतिनिधि को प्रत्याशी बनाएगी, इसी पर सभी की निगाहे है। बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर बसपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी शमसुदीन राइन लोकसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं से मिलकर प्रत्याशियों की नब्ज टटोल रहे है। शमसुदीन राइन का कहना है कि जल्दी बसपा प्रत्याशियों की सूची जारी होगी। बसपा का अनुसूचित, अति पिछड़ा और मुस्लिम मतदाता अपना वोटर मानकर चल रही है। इस बार कैराना लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा प्रत्याशी हारजीत का गणित तय करेगा।
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कैराना लोकसभा सीट के आंकड़े एक नजर में
कुल मतदाता 17 लाख 14 हजार 758
पुरुष मतदाता 9 लाख 17 हजार 958
महिला मतदाता 7 लाख 96 हजार 712
विधानसभा कैराना, थानाभवन- शामली, गंगोह और नुकड़
कैराना लोकसभा से सांसद बने
वर्ष 1980 गायत्री देवी, 1984 अख्तर हसन, 1989-1991 हरपाल पंवार, 1996 मुनव्वर हसन, 1998 वीरेंद्र वर्मा, 1999 में अमीर आलम खां, 2004 में अनुराधा चौधरी, 2009 तब्बसुम हसन, 2014 में हुकुम सिंह, 2018 उपचुनाव में तब्बसुम हसन, 2019 में प्रदीप चौधरी।
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