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तेज बदन दर्द के साथ गिर रहीं प्लेटलेट्स, छा रही बेहोशी
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झिंझाना (शामली)। डेंगू और वायरल का कहर जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है। बुखार आने के बाद तेज बदन दर्द के साथ प्लेटलेट्स तेजी से घट रही हैं। मरीज को बेहोशी छा रही है। चंद घंटों में ही मरीजों की मौत हो रही है। झिंझाना कस्बे में पिछले दो दिनों में डेंगू से तीन मौतें हो गई। मृतकों में एक वृद्ध और दो महिला हैं। क्षेत्र में अब डेंगू कोरोना की तरह खतरनाक साबित हो रहा है। करीब-करीब हर घर में बुखार से कोई न कोई सदस्य पीड़ित हे। जिसके चलते लोगों में दहशत फैली है। चिकित्सक भी इस बीमारी को लेकर हैरान हैं। दवा देने के बाद भी मरीजों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
केस-1
कस्बे के मोहल्ला पठानान निवासी राशिद ड्राइवर की करीब 18 वर्षीय बेटी महराज को पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे उपचार के लिए करनाल ले गए थे। आराम न मिलने पर शुक्रवार की शाम उसे दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही महराज ने दम तोड़ दिया।
केस-2
कस्बे के मोहल्ला ताड़वाला में किरण पाल कश्यप जो मजदूरी का काम करता है, उसकी पत्नी 42 वर्षीय बेबी को भी पिछले कई दिन से बुखार था। उसे करनाल के निजी नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया। बेबी को तेज सिर दर्द के अलावा पेट दर्द की भी शिकायत थी। प्लेटलेट्स घटने से बेहोशी छा गई थी। बिगड़ती हालत के चलते परिजन उसे लेकर मेरठ के अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सक ने बेबी को मृत घोषित कर दिया। मध्य रात्रि में ही परिजन उसके शव को लेकर झिंझाना पहुंचे। बंगलूरू से उसके बेटे के आने के बाद ही दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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केस-3
कस्बे के मोहल्ला पठानान निवासी 75 वर्षीय मतलूब को भी कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों के मुताबिक रविवार सुबह उनकी प्लेटलेट्स भी काफी गिर गई। जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और बेहोशी छा गई। देखते ही देखते उनकी मौत हो गई।
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ओदरी गांव में स्वास्थ्य विभाग लगाया शिविर
झिंझाना। ओदरी गांव में एक के बाद एक तीन बच्चों की मौत के बाद जागे स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को शिविर लगाकर मरीजों की जांच की। सीएचसी ऊन के चिकित्सा अल्ताफ आदि के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों की खून की जांच की और आसपास के बीमार लोगों को दवाई वितरित की। प्रधान पति साजिद ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया।
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केस-1
कस्बे के मोहल्ला पठानान निवासी राशिद ड्राइवर की करीब 18 वर्षीय बेटी महराज को पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसे उपचार के लिए करनाल ले गए थे। आराम न मिलने पर शुक्रवार की शाम उसे दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में ही महराज ने दम तोड़ दिया।
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केस-2
कस्बे के मोहल्ला ताड़वाला में किरण पाल कश्यप जो मजदूरी का काम करता है, उसकी पत्नी 42 वर्षीय बेबी को भी पिछले कई दिन से बुखार था। उसे करनाल के निजी नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया। बेबी को तेज सिर दर्द के अलावा पेट दर्द की भी शिकायत थी। प्लेटलेट्स घटने से बेहोशी छा गई थी। बिगड़ती हालत के चलते परिजन उसे लेकर मेरठ के अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सक ने बेबी को मृत घोषित कर दिया। मध्य रात्रि में ही परिजन उसके शव को लेकर झिंझाना पहुंचे। बंगलूरू से उसके बेटे के आने के बाद ही दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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केस-3
कस्बे के मोहल्ला पठानान निवासी 75 वर्षीय मतलूब को भी कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों के मुताबिक रविवार सुबह उनकी प्लेटलेट्स भी काफी गिर गई। जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और बेहोशी छा गई। देखते ही देखते उनकी मौत हो गई।
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ओदरी गांव में स्वास्थ्य विभाग लगाया शिविर
झिंझाना। ओदरी गांव में एक के बाद एक तीन बच्चों की मौत के बाद जागे स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को शिविर लगाकर मरीजों की जांच की। सीएचसी ऊन के चिकित्सा अल्ताफ आदि के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों की खून की जांच की और आसपास के बीमार लोगों को दवाई वितरित की। प्रधान पति साजिद ने गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया।