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हॉस्टल की छत से गिर रहा प्लास्टर, खिड़की भी टूटी
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शामली ब्लाक रोड पर राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावास की टूटी खिडकी
- फोटो : SHAMLI
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शामली। ब्लॉक रोड स्थित अनुसूचित जाति का छात्रावास जर्जर व बदहाल स्थिति में है। दीवारों और छतों से प्लास्टर गिरता है। बारिश में छत टपकती है। सेप्टिक टैंक दो साल से ज्यादा समय से चोक है। जिसके कारण यहां रहने वाले 51 विद्यार्थियों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अनहोनी की भी आशंका है। कई साल से यहां मरम्मत का कोई कार्य नहीं हुआ।
ब्लॉक रोड पर कई वर्ष पूर्व अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए अनुसूचित जाति छात्रावास का निर्माण कराया गया था। छात्रों के मुताबिक 17 कमरों के इस छात्रावास में इन दिनों 51 छात्र निवास करते हैं। जो स्नातक और परास्नातक कक्षाओं में पढ़ाई करते हैं। अनदेखी के चलते यह छात्रावास अब बदहाली का शिकार हो चुका है। डीएम से लेकर समाज कल्याण अधिकारी तक सभी के संज्ञान में छात्रों की समस्याएं हैं, लेकिन फिर भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
छात्रों की जुबानी, उनकी परेशानी
कमरों की छतों से बारिश में पानी टपकने लगता है। परिसर में चारों तरफ गंदगी है। छात्रावास में शौचालय तो है, मगर चोक होने की वजह से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। छात्र, रोबिन जयंत।
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दीवारें और छत क्षतिग्रस्त होने से हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्र, अनिकेत।
छात्रावास के कमरों की खिड़की भी कई दिन से टूटी हुई हैं। जिनसे सर्दियों में ठंडी हवा आती है। किसी तरह पर्दे लगाकर हवा रोकते हैं। छात्र, धर्मवीर।
डीएम, सीडीओ और समाज कल्याण अधिकारी छात्रावास का दौरा कर चुके हैं। समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। छात्र हिमांशु।
छत टपकती हैं और सेप्टिक टैंक चोक है। गंदगी के चलते छात्रो को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। छात्र, मनोज राजेश्वर।
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ब्लॉक रोड पर कई वर्ष पूर्व अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए अनुसूचित जाति छात्रावास का निर्माण कराया गया था। छात्रों के मुताबिक 17 कमरों के इस छात्रावास में इन दिनों 51 छात्र निवास करते हैं। जो स्नातक और परास्नातक कक्षाओं में पढ़ाई करते हैं। अनदेखी के चलते यह छात्रावास अब बदहाली का शिकार हो चुका है। डीएम से लेकर समाज कल्याण अधिकारी तक सभी के संज्ञान में छात्रों की समस्याएं हैं, लेकिन फिर भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
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छात्रों की जुबानी, उनकी परेशानी
कमरों की छतों से बारिश में पानी टपकने लगता है। परिसर में चारों तरफ गंदगी है। छात्रावास में शौचालय तो है, मगर चोक होने की वजह से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। छात्र, रोबिन जयंत।
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दीवारें और छत क्षतिग्रस्त होने से हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्र, अनिकेत।
छात्रावास के कमरों की खिड़की भी कई दिन से टूटी हुई हैं। जिनसे सर्दियों में ठंडी हवा आती है। किसी तरह पर्दे लगाकर हवा रोकते हैं। छात्र, धर्मवीर।
डीएम, सीडीओ और समाज कल्याण अधिकारी छात्रावास का दौरा कर चुके हैं। समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। छात्र हिमांशु।
छत टपकती हैं और सेप्टिक टैंक चोक है। गंदगी के चलते छात्रो को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। छात्र, मनोज राजेश्वर।

शामली ब्लाक रोड पर जर्जर हालत में पडा राजकीय अनुसूचित जाति का छात्रावास- फोटो : SHAMLI

शामली ब्लाक रोड पर राजकीय अनुसूचित जाति के छात्रावास में कमरे की छत व दीवार से गिर रहा प्लास्टर।- फोटो : SHAMLI