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जिला अस्पताल में पीकू वार्ड तैयार, चिकित्सकों की कमी

Mon, 13 Sep 2021 11:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 11:44 PM IST
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PICU ward ready in district hospital, shortage of doctors
जिला अस्पताल में पीकू वार्ड तैयार, चिकित्सकों की कमी
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शामली। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही बुखार के मरीज भी बढ़ रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में बुखार कहर बरपा रहा है। खासतौर से बुखार से बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए तैयारी को लेकर 40 बेड का पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू) बनाया है, लेकिन जिले में मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को डिमांड व रिमाइंडर भेजे गए हैं, लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सकों की अभी नियुक्ति नहीं हो पाई है।
जिला अस्पताल में 40 बेड का पीकू बनाया गया है। इसमें 10 बेड का आईसीयू बनाया गया है, जिसमें 10 वेंटिलेटर लगाए गए हैं। 10 बेड का हाईडिपेंसी यूनिट (एचडीयू) और 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा कोविड अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था है, जिनमें 105 बेड पर सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा है। जिले में चिकित्सकों की बात करें तो मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक हैं, जो सीएचसी शामली व कांधला में तैनात हैं। चिकित्सकों की कमी बच्चों के उपचार में समस्या खड़ी कर सकती है। चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए प्रयास किए गए हैं, लेकिन शासन स्तर से कार्रवाई नहीं हुई है। जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल के लिए 22 पुरुष व 12 महिला चिकित्सक और 60 पद पैरामेडिकल स्टाफ के लिए स्वीकृत हैं, लेकिन शासन स्तर से अभी इन पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। सीएमएस ने बताया कि शासन को पिछले साल ही डिमांड भेजी गई थी। इसके बाद रिमांइडर भी भेजा जा चुका है, लेकिन अभी चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हुई है।
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चिकित्सकों और स्टाफ नर्स को दिया प्रशिक्षण
सीएमएस डॉ. सफल कुमार का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर के खतरे और चिकित्सकों की कमी को देखते हुए जिले में तैैनात 45 चिकित्सक और 45 स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। जरूरत पड़ने पर उपचार के लिए उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में अभी बुखार की स्थिति सामान्य है और कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है।
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डेंगू से बचाव को बरतें सावधानी: डीएम
डीएम जसजीत कौर ने बताया कि प्रदेेश के कई जिलों में डेंगू के मरीज मिलने की सूचनाएं मिली है। इसे लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अभी तक जिले में डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ सरल उपाय व सावधानी अपनाकर डेंगू से बचा जा सकता हैं।

बचाव को ये करें उपाय-
- सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान एवं पशु-पक्षियों के पानी के बर्तन आदि को साफ करें
पुराना टायर, डिस्पोजेबल कप, नारियल के खोल आदि में पानी जमा न होने दें।
पानी के सभी बर्तन, टंकी आदि को पूरी तरह ढक कर रखें।
मच्छर के काटने से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
डायलिसिस की दो मशीन पहुंची
शामली। सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि पीपीपी मोड पर जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट लगाई जानी स्वीकृत है। इस यूनिट में 10 मशीनें लगेंगी। पहले चरण में तीन मशीनें मिलनी है, जिनमें से दो मशीनें जिला अस्पताल पहुंच गई है। उनका कहना है कि मशीनें आने से मरीजों को जल्द ही डायलिसिस की सुविधा मिलने की उम्मीद बंधी है।
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