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कैराना में ध्रुवीकरण की बही बयार

Thu, 10 Feb 2022 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 11:30 PM IST
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Peasant movement dominates in Shamli, polarization in Kairana
शामली में किसान आंदोलन हावी, कैराना में ध्रुवीकरण की बयार
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शामली। विधानसभा चुनाव में कैराना विधानसभा सीट पर देशभर की नजर रही। इस सीट का जिक्र भाजपा नेताओं ने हर चुनावी सभा में किया। यहां सीधा मुकाबला भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह और सपा विधायक नाहिद हसन के बीच रहा। सपा प्रत्याशी नाहिद हसन नामांकन के अगले दिन ही जेल चले गए थे। इसके बाद उनकी बहन इकरा हसन ने चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाली। गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी प्रत्याशी मृगांका के लिए खुद घर-घर जाकर वोट मांगे थे। मतदान के दौरान यहां ध्रुवीकरण की बयार बहती दिखाई दी। इस सीट पर 1.37 लाख मुस्लिम वोट हैं। कैराना कस्बे में नाहिद हसन ने बढ़त हासिल करते दिखाई दिए। जबकि गांवों में मृगांका की स्थिति मजबूत दिखाई दी। कश्यप, सैनी और जाट मतदाताओं का रूख यहां जीत तय करेगा। परिणाम क्या रहेंगे, यह 10 मार्च को ही पता चलेगा।
शामली में किसान आंदोलन रहा हावी
शामली। सदर विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल और गठबंधन प्रत्याशी प्रसन्न चौधरी के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। इस सीट पर किसान आंदोलन का सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। इसकी वजह दोनों ही प्रमुख प्रत्याशियों का जाट बिरादरी से होना भी मानी जा रही है। शहर में भाजपा को बढ़त मिलती दिखाई दी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में गठबंधन प्रत्याशी प्रसन्न चौधरी को मजबूत माना जा रहा है। इस सीट करीब 70 हजार मुस्लिम मतदाता है। कांग्रेस की ओर से अय्यूब जंग और बसपा के बिजेंद्र मलिक गठबंधन प्रत्याशी को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं, इसका सभी अपने तरीके से अंदाजा लगा रहें। माना जा रहा कि सीट का नतीजा बेहद चौंकाने वाला हो सकता है। फिलहाल सभी मतगणना का इंतजार कर रहे हैं।
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थानाभवन में मुकाबला काफी रोचक हुआ
शामली। थानाभवन विधानसभा सीट पर गन्ना मंत्री सुरेश राणा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। वह तीसरी बार जीतकर इस सीट से हैट्रिक लगाने के लिए इस सीट पर उतरे हैं। उनके सामने गठबंधन प्रत्याशी अशरफ अली खान मुकाबले में हैं। किसानों के मुद्दों को लेकर यहां भी मुकाबला काफी रोचक हो गया है। दोनों ही प्रत्याशी अपनी जीत के लिए आश्वस्त हैं। इस सीट पर सैनी, दलित और जाट बिरादरी के मतदाताओं पर सबकी नजर है। इन तीनों बिरादरी के मतदाता ही बंटते दिखाई दे रहा है। गन्ना मंत्री सुरेश राणा और अशरफ अली खान दोनों ने ही इन मतदाताओं को अपने पाले में करने की पूरी कोशिश की है। कुल मिलाकर इस सीट पर जीत का अंतर काफी कम रहने वाला है। अब देखना है कि इसमें कौन कामयाब होता है।
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