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बसों में सफर करने से बच रहे यात्री
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बसों में सफर करने से बच रहे यात्री
शामली। शासन द्वारा अनलॉक-1 में लोगों को राहत देने के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया गया है। मगर चार दिन बाद भी बसों में गिने चुने यात्री ही सफर कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को 12 बसों का संचालन हुुआ है, जिनमें करीब 250 यात्रियों से सफर किया।
एक जून को बसों का संचालन शुरू हुआ था। पहले दिन आठ बसों का संचालन हुआ था। दूसरे दिन यात्रियों की संख्या में कुछ बढ़ोत्तरी होने पर 14 बसों का संचालन हुआ था। तीन जून को भी 14 बसें चलाई गई। शामली डिपो में 23 अनुबंधित बसें है, लेकिन यात्रियों की कमी के चलते सभी बसें नहीं चल पा रही है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बसों को सैनिटाइज करने के साथ यात्रियों के भी हाथ भी सैनिटाइजर से साफ कराए जा रहे हैं। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों को बस में बैठाया जाता है। बृहस्पतिवार को यात्रियों की संख्या कम होने के कारण 14 के स्थान पर 12 बसों का ही संचालन हो पाया। परिचालक रविंद्र कुमार ने बताया कि आसपास के यात्री ही मिल रहे है। एक घंटे तक बस लगी रहती है तब जाकर मुश्किल से 15 से 20 यात्री मिल पाते है। एक अन्य परिचालक ने बताया कि बस को संचालन लोनी बॉर्डर करना चाहते हैं, लेकिन सवारी न मिलने के कारण बड़ौत तक ही बस का संचालन करना पड़ रहा है। रोडवेज स्टैंड के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बृहस्पतिवार को 12 बसों का संचालन हुुआ है, जिनमें करीब 250 यात्रियों से सफर किया है। उनका मानना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव की वजह से यात्री बस में सफर करने से परहेज कर रहे हैं।
शामली से जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा
शामली। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि यात्री कम ही निकल रहे हैं, लेकिन देखने में आ रहा है कि शामली से मुजफ्फरनगर, लोनी व सहारनपुर की तरफ से जाने वाले यात्री ज्यादा है। जबकि शामली आने वाली बसों में यात्रियों की संख्या बहुत कम होती है।
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शामली। शासन द्वारा अनलॉक-1 में लोगों को राहत देने के लिए रोडवेज बसों का संचालन किया गया है। मगर चार दिन बाद भी बसों में गिने चुने यात्री ही सफर कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को 12 बसों का संचालन हुुआ है, जिनमें करीब 250 यात्रियों से सफर किया।
एक जून को बसों का संचालन शुरू हुआ था। पहले दिन आठ बसों का संचालन हुआ था। दूसरे दिन यात्रियों की संख्या में कुछ बढ़ोत्तरी होने पर 14 बसों का संचालन हुआ था। तीन जून को भी 14 बसें चलाई गई। शामली डिपो में 23 अनुबंधित बसें है, लेकिन यात्रियों की कमी के चलते सभी बसें नहीं चल पा रही है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बसों को सैनिटाइज करने के साथ यात्रियों के भी हाथ भी सैनिटाइजर से साफ कराए जा रहे हैं। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों को बस में बैठाया जाता है। बृहस्पतिवार को यात्रियों की संख्या कम होने के कारण 14 के स्थान पर 12 बसों का ही संचालन हो पाया। परिचालक रविंद्र कुमार ने बताया कि आसपास के यात्री ही मिल रहे है। एक घंटे तक बस लगी रहती है तब जाकर मुश्किल से 15 से 20 यात्री मिल पाते है। एक अन्य परिचालक ने बताया कि बस को संचालन लोनी बॉर्डर करना चाहते हैं, लेकिन सवारी न मिलने के कारण बड़ौत तक ही बस का संचालन करना पड़ रहा है। रोडवेज स्टैंड के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बृहस्पतिवार को 12 बसों का संचालन हुुआ है, जिनमें करीब 250 यात्रियों से सफर किया है। उनका मानना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव की वजह से यात्री बस में सफर करने से परहेज कर रहे हैं।
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शामली से जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा
शामली। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि यात्री कम ही निकल रहे हैं, लेकिन देखने में आ रहा है कि शामली से मुजफ्फरनगर, लोनी व सहारनपुर की तरफ से जाने वाले यात्री ज्यादा है। जबकि शामली आने वाली बसों में यात्रियों की संख्या बहुत कम होती है।
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