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पंचायत आरक्षण का मामला हाईकोर्ट में
ब्यूरो/ अमर उजाला/ शामली
Updated Tue, 29 Sep 2015 01:13 AM IST
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शामली। जिला पंचायत के वार्डों के आरक्षण के मामले में हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी। आरक्षण के मामले में न्यायालय फैसला सुना सकती है।
जिला पंचायत के वार्डों पर आरक्षण घोषित होने पर शामली, आजमगढ़ और कानपुर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इस संबंध में संबधित जिलों से आरक्षण का रिकार्ड तलब किया था। जिले से पंचायत आरक्षण का रिकार्ड लेकर डीपीआरओ महेंद्र सिंह को हाईकोर्ट इलाहाबाद भेजा गया था।
सोमवार को जिला पंचायत सदस्य सभी वार्डों के आरक्षण पर सुनवाई हुई, जिसमें बहस हुई। सुनवाई के बाद अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है। जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र किवाना की ओर से दायर याचिका में हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता निपुण सिंह ने बताया कि वह इस मामले की सुनवाई के लिए तीन जजों की खंठपीठ में सौंपने की मांग की जा रही है।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ एवं धनंजय सिंह ने राज्य सरकार द्वारा निर्वाचन अधिसूचना जारी होने का तर्क देते हुए सभी याचिका खारिज करने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि डीपीआरओ को हाईकोर्ट भेजा गया है कोई उनसे वार्ता नहीं हो पाई है।
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आपत्तियां एक अक्तूबर तक आएंगी
शामली। प्रधान पदों के लिए घोषित आरक्षण सूची पर आपत्तियां एक अक्तूबर तक प्राप्त की जाएंगी। आपत्तियों की सुनवाई के बाद शासन को आरक्षण की सूची भेजी जाएगी। दिसंबर से पूर्व प्रधानी का चुनाव होने की संभावना है।
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जिला पंचायत के वार्डों पर आरक्षण घोषित होने पर शामली, आजमगढ़ और कानपुर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इस संबंध में संबधित जिलों से आरक्षण का रिकार्ड तलब किया था। जिले से पंचायत आरक्षण का रिकार्ड लेकर डीपीआरओ महेंद्र सिंह को हाईकोर्ट इलाहाबाद भेजा गया था।
सोमवार को जिला पंचायत सदस्य सभी वार्डों के आरक्षण पर सुनवाई हुई, जिसमें बहस हुई। सुनवाई के बाद अभी कोई निर्णय नहीं हो पाया है। जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र किवाना की ओर से दायर याचिका में हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता निपुण सिंह ने बताया कि वह इस मामले की सुनवाई के लिए तीन जजों की खंठपीठ में सौंपने की मांग की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ एवं धनंजय सिंह ने राज्य सरकार द्वारा निर्वाचन अधिसूचना जारी होने का तर्क देते हुए सभी याचिका खारिज करने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि डीपीआरओ को हाईकोर्ट भेजा गया है कोई उनसे वार्ता नहीं हो पाई है।
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आपत्तियां एक अक्तूबर तक आएंगी
शामली। प्रधान पदों के लिए घोषित आरक्षण सूची पर आपत्तियां एक अक्तूबर तक प्राप्त की जाएंगी। आपत्तियों की सुनवाई के बाद शासन को आरक्षण की सूची भेजी जाएगी। दिसंबर से पूर्व प्रधानी का चुनाव होने की संभावना है।