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Shamli News: पाकिस्तानी हैंडलर इकबाल काना का हिस्ट्रीशीटर नंबर है बी वन
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शामली/ कैराना। पाकिस्तान के लिए जासूस तैयार करने वाले इकबाल काना की कैराना थाने में हिस्ट्रीशीट बी श्रेणी की तथा 1 नंबर पर दर्ज है।
नब्बे के दशक के शुरू में रेहड़ी पर केले बेचने वाले हाजी अकबर का बेटा इकबाल काना पाकिस्तान जाने वाले लोगों के पासपोर्ट बनवाता था। इकबाल काना ने चौक बाजार में अपना ऑफिस भी खोल लिया था। 90 के दशक में शुरू हुए गठरी व्यवसाय में पैसे की चमक ने इकबाल काना को पाकिस्तान से तस्करी के काले काम में धकेल दिया। गठरी व्यवसाय का ठेकेदार बनने के बाद वह तीन हजार प्रति महिला की दिहाड़ी व वीजा पासपोर्ट खर्च, किराया व खाने-पीने का सारा खर्चा देकर महिलाओं से तस्करी कराने लगा था। बाद में सोने की तस्करी व पिस्टल तस्करी में इकबाल काना पर दिल्ली व पाकिस्तान के अटारी बार्डर पर कई मुकदमे दर्ज हुए थे।
1995 में गिरफ्तारी के डर से पाकिस्तान भागने के दौरान कई बार दिल्ली व पंजाब पुलिस ने इकबाल काना की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी। जिसके आधार पर कैराना थाने में इकबाल काना की हिस्ट्रीशीट बी 1 खोली गई थी। लेकिन इकबाल काना के विरुद्ध कैराना में कोई मुकदमा दर्ज नहीं पाया गया।
केवल पाकिस्तान से हथियारों व सोने की तस्करी के कारण इकबाल के गृह नगर कैराना में हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। पुलिस के अनुसार ए श्रेणी की हिस्ट्रीशीट साधारण अपराधियों की खोली जाती है जबकि बी श्रेणी की हिस्ट्रीशीट पेशेवर बड़े अपराधियों की खोली जाती है। इकबाल काना की हिस्ट्रीशीट बी श्रेणी की तथा 1 नंबर पर दर्ज है।
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- इकबाल काना के पिता का भी नहीं मिला आपराधिक इतिहास
कैराना। पाकिस्तानी हैंडलर इकबाल काना का पिता हाजी अकबर मोहल्ला सरावज्ञान में रहता था। हाजी अकबर रेहड़े पर केले व फल बेचने का काम करता था। मंगलवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने हाजी अकबर का पुलिस रिकाॅर्ड भी खंगाला। लेकिन थाने में हाजी अकबर पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं मिला।
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नब्बे के दशक के शुरू में रेहड़ी पर केले बेचने वाले हाजी अकबर का बेटा इकबाल काना पाकिस्तान जाने वाले लोगों के पासपोर्ट बनवाता था। इकबाल काना ने चौक बाजार में अपना ऑफिस भी खोल लिया था। 90 के दशक में शुरू हुए गठरी व्यवसाय में पैसे की चमक ने इकबाल काना को पाकिस्तान से तस्करी के काले काम में धकेल दिया। गठरी व्यवसाय का ठेकेदार बनने के बाद वह तीन हजार प्रति महिला की दिहाड़ी व वीजा पासपोर्ट खर्च, किराया व खाने-पीने का सारा खर्चा देकर महिलाओं से तस्करी कराने लगा था। बाद में सोने की तस्करी व पिस्टल तस्करी में इकबाल काना पर दिल्ली व पाकिस्तान के अटारी बार्डर पर कई मुकदमे दर्ज हुए थे।
1995 में गिरफ्तारी के डर से पाकिस्तान भागने के दौरान कई बार दिल्ली व पंजाब पुलिस ने इकबाल काना की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी। जिसके आधार पर कैराना थाने में इकबाल काना की हिस्ट्रीशीट बी 1 खोली गई थी। लेकिन इकबाल काना के विरुद्ध कैराना में कोई मुकदमा दर्ज नहीं पाया गया।
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केवल पाकिस्तान से हथियारों व सोने की तस्करी के कारण इकबाल के गृह नगर कैराना में हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। पुलिस के अनुसार ए श्रेणी की हिस्ट्रीशीट साधारण अपराधियों की खोली जाती है जबकि बी श्रेणी की हिस्ट्रीशीट पेशेवर बड़े अपराधियों की खोली जाती है। इकबाल काना की हिस्ट्रीशीट बी श्रेणी की तथा 1 नंबर पर दर्ज है।
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- इकबाल काना के पिता का भी नहीं मिला आपराधिक इतिहास
कैराना। पाकिस्तानी हैंडलर इकबाल काना का पिता हाजी अकबर मोहल्ला सरावज्ञान में रहता था। हाजी अकबर रेहड़े पर केले व फल बेचने का काम करता था। मंगलवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने हाजी अकबर का पुलिस रिकाॅर्ड भी खंगाला। लेकिन थाने में हाजी अकबर पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं मिला।