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नोटिस मिलते ही किया भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो,शामली
Updated Mon, 17 Jul 2017 12:11 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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शामली। अपर दोआब शुगर मिल शामली प्रबंधन की मनमानी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। किसानों को किए जाने वाले गन्ना मूल्य भुगतान में टैगिंग नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इस पर दो दिन पूर्व ही जिला गन्ना अधिकारी ने मिल प्रबंधन को नोटिस जारी किया, शनिवार को मिल प्रबंधन ने नियमों के अनुसार गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के खाते में भेज दिया।
गन्ना मूल्य भुगतान में उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17 एवं नियमावली 1954 के नियम 48 के अंतर्गत जिलाधिकारी की तरफ से टैंगिंग आदेश जारी किया जाता है। इसके तहत पेराई गन्ने के सापेक्ष उत्पादन होने वाली चीनी और उसकी बिक्री से प्राप्त धनराशि का 85 प्रतिशत भुगतान गन्ना किसानों को भुगतान के रूप में भेजना होता है। उसका अनुपालन करना शुगर मिलों के लिए अनिवार्य है, लेकिन अपर दोआब शुगर मिल शामली ने इसका पालन नहीं किया।
30 जून की समीक्षा के आधार पर उपगन्ना आयुक्त सतेंद्र कुमार ने जिला गन्ना अधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखा, जिसके बाद 14 जुलाई को ही जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने अपर दोआब शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ नोटिस जारी किया। उसमें कहा गया कि टैगिंग नियम के अनुसार 722.87 लाख रुपये का कम भुगतान किया गया। नोटिस भेजने का असर यह हुआ कि शनिवार को ही शुगर मिल की तरफ से करीब आठ लाख रुपये का भुगतान भेज दिया गया।
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अपर दोआब शुगर मिल के यूनिट हेड आरबी खोखर का कहना है कि टैगिंग नियम का उल्लंघन नहीं किया गया था, बल्कि भेजे गए आंकडे़ में कुछ त्रुटि रह गई थी। शनिवार को बकाया मूल्य भुगतान में पैसा भेजा गया है, जो टैगिंग नियमों के अनुसार होने वाले भुगतान से भी ज्यादा है।
गन्ना पेराई सत्र 2016-17 की स्थिति
पेराई किया गया गन्ना 102.73 लाख क्विंटल
उत्पादित चीनी की मात्रा 1067030 क्विंटल
चीनी बिक्री की दर 3605.50 प्रति क्विंटल
चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि 24217.42 लाख रुपये
चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का 85 प्रतिशत 20584.81 लाख रुपये
सीसीएल से प्राप्त धनराशि 6500 लाख रुपये
सीसीएल की धनराशि का 85 प्रतिशत 5525 लाख रुपये
मिल द्वारा किया गया गन्ना मूल्य भुगतान 25386.95 लाख रुपये
चीनी बिक्री से व्यावर्तित धनराशि 722.87 लाख रुपये
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गन्ना मूल्य भुगतान में उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 की धारा 17 एवं नियमावली 1954 के नियम 48 के अंतर्गत जिलाधिकारी की तरफ से टैंगिंग आदेश जारी किया जाता है। इसके तहत पेराई गन्ने के सापेक्ष उत्पादन होने वाली चीनी और उसकी बिक्री से प्राप्त धनराशि का 85 प्रतिशत भुगतान गन्ना किसानों को भुगतान के रूप में भेजना होता है। उसका अनुपालन करना शुगर मिलों के लिए अनिवार्य है, लेकिन अपर दोआब शुगर मिल शामली ने इसका पालन नहीं किया।
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30 जून की समीक्षा के आधार पर उपगन्ना आयुक्त सतेंद्र कुमार ने जिला गन्ना अधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखा, जिसके बाद 14 जुलाई को ही जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने अपर दोआब शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ नोटिस जारी किया। उसमें कहा गया कि टैगिंग नियम के अनुसार 722.87 लाख रुपये का कम भुगतान किया गया। नोटिस भेजने का असर यह हुआ कि शनिवार को ही शुगर मिल की तरफ से करीब आठ लाख रुपये का भुगतान भेज दिया गया।
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अपर दोआब शुगर मिल के यूनिट हेड आरबी खोखर का कहना है कि टैगिंग नियम का उल्लंघन नहीं किया गया था, बल्कि भेजे गए आंकडे़ में कुछ त्रुटि रह गई थी। शनिवार को बकाया मूल्य भुगतान में पैसा भेजा गया है, जो टैगिंग नियमों के अनुसार होने वाले भुगतान से भी ज्यादा है।
गन्ना पेराई सत्र 2016-17 की स्थिति
पेराई किया गया गन्ना 102.73 लाख क्विंटल
उत्पादित चीनी की मात्रा 1067030 क्विंटल
चीनी बिक्री की दर 3605.50 प्रति क्विंटल
चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि 24217.42 लाख रुपये
चीनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का 85 प्रतिशत 20584.81 लाख रुपये
सीसीएल से प्राप्त धनराशि 6500 लाख रुपये
सीसीएल की धनराशि का 85 प्रतिशत 5525 लाख रुपये
मिल द्वारा किया गया गन्ना मूल्य भुगतान 25386.95 लाख रुपये
चीनी बिक्री से व्यावर्तित धनराशि 722.87 लाख रुपये